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हिमाचल सरकार लोकतंत्र को बना रही राजनीतिक अखाड़ा : विवेक शर्मा | Third Eye Today
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हिमाचल सरकार लोकतंत्र को बना रही राजनीतिक अखाड़ा : विवेक शर्मा

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हिमाचल सरकार लोकतंत्र को बना रही राजनीतिक अखाड़ा। विवेक शर्मा भा.ज.पा प्रवक्ता ने नगर निगम सोलन को कटघरे में खड़ा करते हुए कड़ा प्रहार किया है। और कहा है।
सोलन नगर निगम कांग्रेस बहुमत के पश्चात महापौर बनाने में असमर्थ दिख रही है। जिसकी नैतिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री व उनके सहयोगियों को लेनी होगी। व्यवस्था परिवर्तन करने वाली व्यवस्था में आज 17 में से तीन वार्डो का प्रतिनिधि नगर निगम में नहीं है। उसकी चिंता छोड़ महापौर के लिए मत का उपयोग किस आधार पर होगा सरकार व सदस्य कानूनविदों के परामर्श में हैं। लोकतंत्र की हत्या के मापदंड इस कदर तय हो रहे हैं कि राष्ट्र की सर्वोत्तम सदन राज्यसभा सदस्य चयन प्रक्रिया की “विप” व्यवस्था को कोई ढाल बना रहा है तो कोई उसे कठघरे में खड़ा कर रहा है।
कांग्रेस के भीतर मत विभाजन से इनकार नहीं किया जा सकता। यही बिकाऊ और महत्वाकांक्षाओं की असीम परीकाष्ठा है जो लोकतंत्र की हत्या और जन मत का अपमान है। आज स्थिति यह उत्पन्न हो गई है शहर में 5 से 8 दिन के बाद पानी मिल रहा है मुफ्त पेयजल उपलब्धता व कूड़ा उठाने का वादा कर के नगर निगम लूट का तांडव कर रहा है। पार्किंग के नाम पर चालान के तोहफे आ रहे हैं। दुकानदारों को त्योहारों में अतिक्रमण के चालान ,अग्निशमन वाहन की गति से दिए जा रहे हैं। और पार्षद बंद कमरों में महापौर का गणित बिठा रहे हैं। जिन्हें जनता को बताना चाहिए की जन समस्याओं को लेकर कितनी बार बंद कमरों में बैठकर तालमेल बैठाने की कोशिशें की गई। आज विकास निधि से कर्मचारियों की तनख्वाह दी जा रही हैं। ठेकेदारों की देनदारियां करोड़ों में खड़ी हैं। महत्वाकांक्षियों ने
महापौर के पद को इतना नीचे गिरा दिया है कि रामलीला में पात्र निर्धारित करने से पूर्व गली मोहल्ले की कमेटिया भी यह देखती है ,”अभिनय पात्र” हनुमान या सरूपनखा के काबिल भी है या नहीं।
जिनके ऊपर अधिकारियों से काम लेने का दायित्व है वह 50 शब्दों के पत्र में अपना नाम पढ़ने के योग्य नहीं है। जनता को भी सोचने की आवश्यकता है की हम किसको भेज रहे हैं। नगर निगम की बैठकों में उछलने वाले पार्षद सड़कों पर आवारा जानवरों की नसबंदी कराने के काबिल नहीं है लेकिन उनको श्रेष्ठ उत्तम पद चाहिए। गत तीन वर्षों में नगर निगम की उपलब्धियो में मेयर व डिप्टी मेयर इतनी तेजी से बदल रहे हैं इतनी तेजी से तो सामान्य घरों में बहनें सहायक (कामवाली) नहीं बदलती । प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री सुनिश्चित करें क्रॉस वोटिंग होने की स्थिति में नगर निगम भंग होगी ताकि जनता के मत का अपमान करने वाले बिकाऊ और महत्वाकांक्षियों को नगर वासी आगामी चुनाव में बाहर का रास्ता दिखा सके। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर लोकतंत्र की रक्षा के लिए इससे खूबसूरत तोहफा नहीं हो सकता। अन्यथा प्रदेश सरकार को नैतिकता की राजनीति करने का कोई अधिकार नहीं है और इससे बड़ी लोकतंत्र की हत्या नहीं है।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक


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