महिला सशक्तिकरण सतत् प्रक्रिया-कृतिका कुलहरी

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उपायुक्त सोलन कृतिका कुलहरी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण सतत् प्रक्रिया है और वास्तविक अर्थों में महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य पूर्ण करने के लिए समाज के सभी वर्गो का सहयोग अपेक्षित है। कृतिका कुलहरी आज यहां अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय समारोह को सम्बोधित कर रहीं थी। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए अनेक योजनाऐं कार्यान्वित की जा रही हैं। उन्होने कहा कि सोलन जिला में मदर टैरेसा योजना के तहत 70 लाख 54 हजार 700 रूपये की राशि स्वीकृत कर 769 महिलाओं तथा 1209 बेटियों को लाभान्वित किया गया है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अर्न्तगत जिला की 90 किशोरियों को 94 लाख 90 हजार रूपये की राशि वितरित की गई है। शगुन योजना के तहत 304 पात्र लड़कियों के विवाह के लिए 97 लाख की राशि उपलब्ध करवाई गई।
उपायुक्त ने कहा कि जि़ला में विधवा पुनर्विवाह योजना के तहत वित्त वर्ष 2021-22 में 08 विधवाओं के पुनर्विवाह पर चार लाख की राशि व्यय की गई है। महत्वाकांक्षी बेटी है अनमोल योजना के तहत 1020 कन्याओं को 21-21 हजार रूपये की एफडीआर जारी करने पर 73 लाख 31 हजार रूपये व्यय हुए। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के तहत 17444 लाभार्थियों को 5-5 हजार रूपये की राशि जारी की गई है।


महिला सशक्तिकरण के लिए शिक्षा ,स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता सबसे महत्वपूर्ण है। महिलाओं को विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के खात्मे को लेकर आगे आना चाहिए ।

वहीं जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजकुमार ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाएं जिंदगी रूपी सिक्के का दूसरा अभिन्न पहलू है । सशक्त महिला परिवार को सुदृढ़ और सुसंस्कृत बनाती है ।
महिलाओं और बच्चों के पोषण पर जोर देते हुए उन्होने कहा कि विभिन्न विभागीय योजनाओं के तहत महिलाओं और बच्चों के पोषण की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं । उन्होने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत रिवाल्विंग फंड के तौर पर 25 हजार रुपए उपलब्ध करवाने का भी प्रावधान रखा गया है ।


समाज में फैली विभिन्न कुरीतियों के खात्मे को लेकर उपायुक्त ने कहा कि विभिन्न परंपराओं के नाम पर महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता रहा है । वर्तमान परिदृश्य में हालांकि समाज में कुछ बदलाव तो हुए हैं , फिर भी कुछ सामाजिक बुराइयां किसी न किसी रूप में आज भी मौजूद हैं। घरेलू हिंसा, बाल विवाह और भ्रूण हत्या को लेकर कानून में प्रावधान किए गए हैं। लेकिन मात्र कानून से ही इन बुराइयों का अंत नहीं किया जा सकता। समाज में विशेषकर महिलाओं में जागरूकता और जनचेतना से ही हम बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं।
इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों को पुरस्कृत किया ।

 

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम प्रबन्धक प्रियंका शर्मा ने बताया कि महिला दिवस के अवसर पर स्वयं सहायता समूह ने गीत व नृत्य पर आधारित बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इनमें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को लेकर संदेश देने वाली एक लघु नाटिका व समूह गान का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक एवं जिला मिशन प्रबन्धक तपेन्द्र नेगी के अलावा डीआरडीए के समस्त अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए ।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम संगठन  

प्रथम पुरस्कार के रुप में ब्लॉक कंडाघाट के नारी शक्ति ग्राम संगठन ममलीग को 15 हजार रुपए ।

द्वितीय पुरस्कार के रुप में ब्लॉक धर्मपुर के उम्मीद ग्राम संगठन को 10 हजार रुपए ।

तृतीय पुरस्कार के रुप में ब्लॉक सोलन के लक्ष्मी ग्राम संगठन को 5 हजार रुपए ।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूह

प्रथम पुरस्कार ,ब्लॉक कंडाघाट के ज्योति स्वयं सहायता समूह को 15 हजार रुपए ।

द्वितीय पुरस्कार ,ब्लॉक सोलन के प्रगति स्वयं सहायता को 10 हजार रुपए ।

तृतीय पुरस्कार ब्लॉक कुनिहार के हर हर महादेव स्वयं सहायता समूह को 5 हजार दिए गए।

इसके अलावा प्रशस्ति प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए गए और उत्कृष्ठ कार्य करने वाली पंचायतों को भी सम्मानित किया गया। 

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक