Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u896688775/domains/thirdeyetoday.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131
“न्याय नहीं, अहंकार सर्वोपरि”,हाईकोर्ट की फटकार से बौखलाई सुक्खू सरकार, अब सुप्रीम कोर्ट जाने की जिद : बिक्रम ठाकुर | Third Eye Today
Third Eye Today News

“न्याय नहीं, अहंकार सर्वोपरि”,हाईकोर्ट की फटकार से बौखलाई सुक्खू सरकार, अब सुप्रीम कोर्ट जाने की जिद : बिक्रम ठाकुर

Spread the love

हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार का असली चेहरा एक बार फिर जनता के सामने बेनकाब हो गया है। पंचायत चुनाव टालने की साजिश पर माननीय उच्च न्यायालय से करारी फटकार खाने के बाद भी सुक्खू सरकार सबक लेने को तैयार नहीं है। यह सरकार लोकतंत्र और संविधान का सम्मान नहीं करती, बल्कि अपनी राजनीतिक ईगो और अहंकार को सर्वोपरि मानती है। यही कारण है कि अब हाईकोर्ट के स्पष्ट और विवेकपूर्ण फैसले पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार की आदत बन चुकी है—जब फैसला पक्ष में आए तो न्यायपालिका महान, और जब फैसला खिलाफ आए तो अदालत पर ही उंगली उठाना। यह सिर्फ न्यायालय की अवमानना नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का खतरनाक प्रयास है। प्रदेश सरकार का यह रवैया बताता है कि वह कानून के राज में नहीं, बल्कि कांग्रेस के राज में विश्वास रखती है।

उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने पूरी गंभीरता से सभी तथ्यों, परिस्थितियों और तर्कों को सुनने के बाद पंचायत चुनाव करवाने का स्पष्ट आदेश दिया। इसके बावजूद सरकार का यह संकेत देना कि वह सुप्रीम कोर्ट जाएगी, जनहित के लिए नहीं बल्कि सिर्फ इसलिए है कि मुख्यमंत्री और उनकी टीम यह साबित करना चाहती है कि “हम जो करें वही सही”। यह लड़ाई लोकतंत्र की नहीं, बल्कि सरकार के घायल अहंकार की है।

बिक्रम ठाकुर ने तीखा हमला करते हुए कहा कि सुक्खू सरकार शुरू से ही पंचायत चुनावों से भागती रही है, क्योंकि उसे ज़मीनी सच्चाई और अपनी नाकामियों का डर है। महंगाई, बेरोज़गारी, विकास कार्यों की ठप गति और ग्रामीण हिमाचल की उपेक्षा—इन सवालों का जवाब देने की हिम्मत सरकार में नहीं है। इसलिए कभी आपदा का बहाना, कभी प्रशासनिक अड़चनें और अब अदालतों पर दोषारोपण।

उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार बार-बार यह संदेश दे रही है कि संविधान और न्यायपालिका उसके रास्ते में बाधा हैं। यही वजह है कि यह सरकार हर उस फैसले से चिढ़ जाती है जो उसकी मनमानी पर रोक लगाता है। “खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे” की कहावत सुक्खू सरकार पर पूरी तरह सटीक बैठती है।

पूर्व उद्योग मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी न्यायपालिका के सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ मजबूती से खड़ी है। भाजपा मानती है कि पंचायत चुनाव जनता का अधिकार हैं, किसी सरकार की दया नहीं। हाईकोर्ट का फैसला प्रदेश की जनता की जीत है और कांग्रेस सरकार की लोकतंत्र-विरोधी सोच की हार।

अंत में बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार को अहंकार छोड़कर न्यायालय के फैसले का सम्मान करना चाहिए। यदि सरकार सुप्रीम कोर्ट जाती है तो प्रदेश की जनता भली-भांति समझती है कि यह लड़ाई विकास या जनहित की नहीं, बल्कि सत्ता के नशे में चूर सरकार की ईगो सैटिस्फैक्शन की लड़ाई है। लेकिन याद रखे—अदालतें संविधान से चलती हैं, किसी मुख्यमंत्री के अहंकार से नहीं।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक


Warning: Undefined array key "rand" in /home/u896688775/domains/thirdeyetoday.com/public_html/wp-content/plugins/recent-posts-widget-with-thumbnails/recent-posts-widget-with-thumbnails.php on line 138