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राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर आनंद शर्मा का बड़ा बयान

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हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर अपना नाम नहीं दिए जाने पर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने पहली बार बयान दिया है। गुरुवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में आनंद शर्मा ने कहा,’ मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं निराश हूं, लेकिन स्वाभिमान राजनीति में बहुत महंगा होता है। सच बोलना अक्सर जुर्म माना जाता है… जो लोग फैसला लेते हैं, उनके पास अथॉरिटी होती है और सिर्फ वही स्पष्ट कर सकते हैं। दशकों से राज्य और देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात रही है… मैं हमेशा हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ रहूंगा… आनंद शर्मा को सच बोलने से कभी नहीं रोका जा सकता… मैं यह मामला हाईकमान के पास नहीं ले जाऊंगा। मैं उनसे बात नहीं करूंगा।’बता दें, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा करीब 50 वर्ष से राजनीति में हैं। बीते लोकसभा चुनाव में कांगड़ा संसदीय सीट से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी रहे।  हालांकि, वे चुनाव हार गए थे। आनंद  राज्यसभा में विपक्ष के उप नेता रह चुके हैं। शिमला से संबंध रखने वाले आनंद शर्मा मनमोहन सिंह की दो सरकारों में केंद्रीय मंत्री रहे। हिमाचल प्रदेश और राजस्थान से दो-दो बार राज्यसभा सदस्य रह चुके आनंद की छवि राष्ट्रीय स्तर के नेता की रही है। आनंद शर्मा शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र से 1982 चुनाव लड़े थे, जिसमें उन्हें भाजपा के प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक