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मुख्यमंत्री ने दिए जननी सुरक्षा ड्रॉप बैक एम्बुलेंस को बदलने के निर्देश

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में जननी सुरक्षा ड्रॉप बैक एम्बुलेंस को बदलने के निर्र्देश दिए। इसके तहत 125 एम्बुलेंस को बदलने पर लगभग 10.68 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सुलभ, स्तरीय और गुणात्मक सेवाएं सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दृष्टि से स्वास्थ्य विभाग के तहत विभिन्न जन सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धजनों की देखभाल और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए एल्डरली एंड पैलिएटिव केयर कार्यक्रम के तहत लगभग 20 करोड़ रुपये व्यय किये जाएंगे। इसके तहत बैडरिडन (शय्याग्रस्त) मरीजों को उनके घर पर जांच और उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए विशेष रूप से टीमें गठित की जाएंगी, जिनमें चिकित्सक, पैरा-मेडिकल सहित अन्य स्टाफ उपलब्ध होगा। इन टीमों को 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों से लिंक किया जाएगा। स्वास्थ्य देखभाल के दृष्टिगत यह कार्यक्रम अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है और सरकार की प्रतिबद्धता को इंगित करता है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए भी विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। टाइप-1 डायबिटीज़ से ग्रसित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क इन्सुलिन पम्प उपलब्ध करवाये जाएंगे। इस पर लगभग 2.25 करोड़ रुपये व्यय किये जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के चंगुल में फंसे युवाओं का पुनर्वास सुनिश्चित करना अत्यन्त आवश्यक है। इस दिशा में पुनर्वास केन्द्रों को सशक्त किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में वृहद योजना तथा कारगर क़दम उठाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवीनीकरण, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल, सचिव स्वास्थ्य प्रियंका बासु इंगटी, निदेशक डीडीटीजी डॉ. निपुण जिंदल, मिशन निदेशक एनएचएम प्रदीप कुमार ठाकुर, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं गोपाल बेरी और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक