हिमाचलः डीजीपी की पुलिस को अच्छी हिदायत, चालान करने के स्थान पर करें जागरूक, आपदा में लोगों पर न डालें आर्थिक बोझ
हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने प्रदेश की तमाम पुलिस को हिदायत दी कि आपदा के समय लोगों के चालान करने के स्थान पर उनको जागरूक करें। ताकि वह नियमों के बारे में सही जानकारी हासिल कर सकें और भविष्य में नियमों की अवेहलना न करें। डीजीपी ने कहा पुलिस का काम कोविड से हर किसी को सुरक्षित रखना है। लोग इस समय आपदा से गुजर रहे हैं। इसके साथ ही महामारी के इस दौर में लोगों का काम धंधा बंद हो गया है। जिसके कारण लोग भारी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे में पुलिस के चालान लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालते हैं। इस लिये चालान करने से बचें ताकि आपदा के दौर में लोगों को पुलिस की वजह से आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। संजय कुंडू ने गगरेट थाना में पाजिटिव आए सात लिस कर्मियों का हालचाल भी जाना। एसपी ऊना के साथ खनन को लेकर हुई खास चर्चा में उन्होंने कहा खनन के लिए विशेष अधिकार खनन विभाग को है। पुलिस के पास ज्यादा अधिकार नहीं हैं। ऐसे में सरकार से मांग की जा रही है कि पुलिस के लंबित प्रस्ताव शीघ्र पूरे किए जाएं। उन्होंने उपमंडल गगरेट के थाना गगरेट, खनन चेकपोस्ट, आरटीओ बैरियर व कोविड 19 बैरियर में व्यवस्था जांची।

अवैध धंधों को जीरो टोलरेंस पर लाना लक्ष्य
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि प्रदेश में अवैध धंधों को जड़ से उखाड़ ने के लिए माफिया की संपत्ति को अटैच करने के निर्णय से काफी धंधों पर विराम लगाना शुरू हो गया है।प्रदेश में शायद ऐसा पहली बार हुआ है कि नशा माफिया की करोड़ों रुपये की संपत्ति को पुलिस विभाग की तरफ से केस प्रवर्तन निदेशालय को देने के बाद सारा धन भारत सरकार के खजाने में डाला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पुलिस को फ्रंटलाइन घोषित किया हुआ है जिस वजह से 90 प्रतिशत पुलिस कर्मियों को वैक्सीन लग चुकी है। पुलिस ने लोगों को कोरोना से बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है । पुलिस छुट्टी के दिन भी काम कर रही है। इस समय पुलिस कर्मी अपनी क्षमता से भी अधिक काम कर रहे हैं। लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि लोग कोरोना की दूसरी लहर में अधिक जागरूक दिखाई दे रहे हैं।

