सुनो जयराम जी पार्षद खुश हुआ ………………..
नगर निगम के सभी पार्षद हॉउस में अचानक हुए खुश……..
आज के बजट से किसी के चेहरे पर खुशी नजर आए या न आए पर इस समय नगर निगम के सभी सदस्य खुश नजर जरूर आ रहे होंगे। कारण भी साफ है सरकार ने उनके मन की मुराद जो पूरी कर दी है। बिन मांगे ही जयराम ठाकुर ने उन्हे वो दे दिया जिसके लिए हिमाचल सरकार के हजारों कर्मचारी सड़कों पर हैं। न तो उन्हे पानी की तेज बौछारों का सामना करना पड़ा और न ही पुलिस डंडों का और तो और शिमला तक कुछ करने से भी बच गए। “बिन मांगे मोती मिले मांगे मिले ना भीख” वाली बात तो बिलकुल यहां पर सटीक बैठती है क्योकि बिना मेहनत के ही ही सब कुछ मिल गया और वृद्धि भी थोड़ी बहुत नहीं उनकी उम्मीद से बहुत ज्यादा। जहां जब तक नगर परिषद थी पार्षदों को मात्र 1000 रूपय ही मिलता था वहीं निगम बनने का फायदा किसी को हो न हो पर पार्षदों को जरूर हो गया है।


