हिमाचल प्रदेश के गांव कोठी में वन काटुओं ने आधा दर्जन से अधिक खैर के पेड़ काट दिए हैं। शातिरों ने लकड़ी के छोटे-छोटे टुकड़े कर जंगल में छुपा दिए थे। सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर काटी गई खैर की लकड़ी को कब्जे में लिया है। मामला थाना इंदौरा क्षेत्र से जुड़ा है।
वन विभाग कार्यालय धरवाल से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर वन काटुओं ने लाखों की कीमत के आधा दर्जन से अधिक खैर के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला डाली।इसके साथ ही काटी हुई लकड़ी को ठिकाने लगाने के लिए वन काटू मौके की तलाश में थे। जैसे ही वन विभाग को सूचना मिली तो वन विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे और काटी गई लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया।
डीएफओ नूरपुर विकल्प यादव ने बताया कि खैर के पेड़ों को काटने की सूचना विभाग को मिली, जिस पर कार्रवाई करते हुए काटी गई लकड़ी को विभाग ने अपने कब्जे में लेकर वन विभाग के कार्यालय में जमा करवा दिया है।
गांव कोठी के लोगों ने बताया कि वन विभाग की मिलीभगत से ही अवैध कटान जोर-शोर से चल रहा है। रात के अंधेरे में काटे गए पेड़ों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और जीपों में भरकर हिमाचल की सीमा पार कर पंजाब में भेज दिया जाता है।ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग को सूचना देने के बाद भी वन काटुओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती, बल्कि लोगों को वन काटू जान से मारने की धमकियां देते हैं। उन्होंने जल्द वन माफिया पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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