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प्रदेश सरकार ने पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए 17 करोड़ रुपये प्रदान किएः मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, वीरता पदक विजेताओं तथा शहीदों के आश्रितों के कल्याण और सम्मान के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पूर्व सैनिक और उनके परिवार राज्य के गौरव है। देश की रक्षा में उनके अतुलनीय योगदान और सर्वोच्च बलिदान को सदैव याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार उनके कल्याण, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 2,263 लाभार्थियों को 17 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इनमें से 968 वृद्धावस्था पेंशनरों को 6.12 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है, ताकि उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इसके अतिरिक्त, 1,084 वीरता पदक विजेताओं को 3 करोड़ रुपये का मानदेय दिया गया है। वहीं, शहीद अथवा युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के 57 आश्रितों को 7.62 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिकी सुदृढ़ हो सके। साथ ही 154 युद्ध जागीर लाभार्थियों को 20.83 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए प्रोत्साहित करने के ठोस प्रयास कर रही है। कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर और शिमला में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन के लिए 2.28 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। यह पहल युवाओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत करेगी और उन्हें सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे छोटे राज्य के लिए यह गर्व का विषय है कि प्रदेश के चार सैनिकों को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया है। राज्य के वीर सैनिकों ने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है और सरकार सभी पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के सम्मान और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025दृ26 के लिए मंडी जिला के बरछवाड़ स्थित मेजर सोमनाथ प्रशिक्षण अकादमी के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार के लिए 10.26 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह अकादमी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रतिस्पर्धी प्रशिक्षण प्रदान कर रही है, जिससे वे सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए प्रभावी ढंग से तैयार हो सकें।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक