
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में विपक्ष के पास कांग्रेस सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है। यही वजह है कि भाजपा को अपने नेताओं के बजाय असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को शिमला लाना पड़ा। उन्होंने कहा कि देशभर में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आवाज उठ रही है। भाजपा बड़े-बड़े झंडे देकर समानांतर प्रदर्शन खड़ा करने की कोशिश कर रही है, लेकिन इससे आंदोलन कमजोर नहीं होगा। जनता का मूड बदल चुका है।चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शांतिप्रिय और शिक्षित लोगों का राज्य है। यहां समाज को बांटने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री के दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें मणिपुर के हालात पर ध्यान देना चाहिए, जहां लंबे समय से स्थिति खराब बनी हुई है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश से जुड़ी चीन की गतिविधियों पर भी भाजपा नेताओं को ध्यान देना चाहिए।
वाइल्ड फ्लावर हॉल से 35 साल में 1000 करोड़ से अधिक राजस्व की उम्मीद
नरेश चौहान ने वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के संचालन और प्रबंधन के लिए हुई ई-नीलामी को प्रदेश के आर्थिक हितों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से सरकार को 401 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अतिरिक्त चयनित कंपनी हर महीने करीब तीन करोड़ रुपये का भुगतान करेगी।
उन्होंने दावा किया कि 35 साल के समझौते से प्रदेश को 1000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिलने की उम्मीद है। चौहान ने इसे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की प्रदेश के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देने वाली कार्यशैली का उदाहरण बताया।
किशाऊ परियोजना में हिमाचल को मिलेगा 221 मेगावाट बिजली का हिस्सा
चौहान ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि पहले हिमाचल प्रदेश से करीब 3000 करोड़ रुपये का निवेश करने और 2.25 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने का प्रस्ताव था। प्रदेश सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से अब हिमाचल प्रदेश को बिना किसी वित्तीय योगदान के 221 मेगावाट बिजली मिलेगी। इसे प्रदेश के हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
आपदा राहत के 1500 करोड़ रुपये कहां गए: नरेश चौहान
मीडिया सलाहकार ने भाजपा नेताओं से सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से धर्मशाला में घोषित 1500 करोड़ रुपये की आपदा सहायता राशि हिमाचल प्रदेश को क्यों नहीं मिली। उन्होंने प्रदेश के अधिकारों से जुड़े करीब 8000 करोड़ रुपये के मुद्दे पर भी भाजपा नेताओं से जवाब मांगा। चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार बीबीएमबी में अपनी हिस्सेदारी और बिजली परियोजनाओं में राज्य के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है।
रामलीला मैदान की रैली का भी किया जिक्र
नरेश चौहान ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की रैली का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें उम्मीद से अधिक संख्या में लोग पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनाव आयोग, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सीबीआई और आयकर विभाग जैसी संस्थाओं का विपक्ष के खिलाफ दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया। चौहान ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए देशभर में आवाज बुलंद हो रही है और झंडे दिखाकर इस आंदोलन को रोका नहीं जा सकता।
Post Views: 11