मां शूलिनी की अनुमति से होगा माता शूलिनी मंदिर का जीर्णोद्धार एवं नवनिर्माण

माता शूलिनी की अनुमति से सोलन के सुप्रसिद्ध माता शूलिनी मंदिर का जीर्णोद्धार एवं नवनिर्माण किया जाएगा। यह निर्णय आज यहां शूलिनी मंदिर न्यास की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सोलन रोहित राठौर ने की।

रोहित राठौर ने कहा कि मां शूलिनी की अनुमति प्राप्त होने के उपरांत मंदिर न्यास की बैठक में चर्चा उपरांत सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि मां शूलिनी मंदिर का जीर्णोद्धार एवं नव निर्माण कर इसे भव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उपायुक्त सोलन की अध्यक्षता में शीघ्र एक बैठक आयोजित की जाएगी।

लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता को मां शूलिनी मंदिर का निरीक्षण कर उचित कार्यवाही के निर्देश दे दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग इस कार्य के लिए अपने वास्तुकार की सेवाएं लेगा।

रोहित राठौर ने कहा कि प्रदेश सरकार के निणर्यानुसार मां शूलिनी मंदिर न्यास के अधीन कार्य करने वाले सभी कर्मियों की सेवाएं सरकार के अधीन लाने का मामला उचित स्तर से प्रदेश सरकार को प्रेषित किया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त सोलन की अध्यक्षता में बैठक कर अगली कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने जिला भाषा अधिकारी सोलन को निर्देश दिए कि मंदिर न्यास के अधीन कार्य करने वाले सभी कर्मियों की पूर्ण जानकारी तैयार कर उपायुक्त कार्यालय को प्रेषित करें।

उन्होंने कहा कि मंदिर न्यास की अगली बैठक फरवरी माह के प्रथम सोमवार को आयोजित की जाएगी। इस तिथि से पूर्व आज लिए गए सभी निर्णयों की अनुपालना सुनिश्चित बनाई जाएगी। इस संबंध में सभी अधिकारियों को उचित निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

रोहित राठौर ने कहा कि न्यास के सभी सदस्यों की सहमति से यह निर्णय लिया गया है कि मुख्य सड़क से मां शूलिनी मंदिर तक के मार्ग पर फाइबर की छत लगाई जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए इस संपर्क मार्ग पर रेलिंग भी स्थापित की जाएगी। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि मंदिर न्यास द्वारा आश्रय गौशाला को गायों के रखरखाव के लिए कुछ धनराशि उपलब्ध करवाई जाती है। वर्तमान में इस गौशाला में 70 गायों की देखभाल की जा रही हैं। न्यास ने सर्वसम्मति से आश्रय गौशाला को उपलब्ध करवाई जा रही धनराशि में वृद्धि करने का निर्णय भी लिया।

रोहित राठौर ने कहा कि मां शूलिनी मंदिर में समर्पित की जाने वाली विभिन्न सामग्री का पुनः उपयोग किया जाना चाहिए। इस कार्य में नगर परिषद सोलन के साथ संबद्ध महिला स्वयं सहायता समूहों से संपर्क किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर में समर्पित की जाने वाली सामग्री को अलग-अलग पात्रों में एकत्र किया जाए। उन्होंने कहा कि नष्ट हो जाने वाली सामग्री को नगर परिषद के वाहन प्रत्येक माह के अंतिम दिन मंदिर से एकत्र करेंगे। अन्य सामग्री का पुनः उपयोग किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मां शूलिनी मंदिर में सौर ऊर्जा चलित प्रकाश व्यवस्था की जाएगी और यहां इनवर्टर स्थापित करने का प्रयास भी किया जाएगा।

रोहित राठौर ने कहा कि मां शूलिनी मंदिर सोलन के साथ-साथ आसपास के सभी क्षेत्रों की आस्था का केंद्र है। मंदिर न्यास यह प्रयास करेगा कि मां शूलिनी की अनुमति से न केवल मंदिर को भव्य स्वरूप प्रदान किया जाए अपितु यहां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर अधोसंरचना भी सृजित की जाए। उन्होंने न्यास के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्यों से आग्रह किया कि वे मंदिर की बेहतरी के लिए उचित सुझाव प्रस्तुत करें ताकि इस दिशा में शीघ्र कार्यवाही की जा सके।

नगर परिषद सोलन की उपाध्यक्ष मीरा आनदं, नगर परिषद सोलन की कार्यकारी अधिकारी डॉ. निधि पटेल, पुलिस उपाधीक्षक रमेश शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अरविंद शर्मा, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिशाषी अभियंता सुमित सूद, मंदिर न्यास के सदस्य सचिव एवं तहसीलदार सोलन गुरमीत नेगी, जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी, न्यास के गैर सरकारी सदस्य कुशल जेठी एवं अन्य गैर सरकारी सदस्य, जिला भाजपा सोलन के कार्यालय सचिव विवेक डोभाल, मां शूलिनी मंदिर के पुजारी एवं अन्य कर्मी बैठक में उपस्थित थे।

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