मक्की व धान की फसल का बीमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जुलाई

Spread the love

ज़िला सोलन में फसलों का बीमा करवाने के लिए पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्रियान्वित की जा रही है। मक्की व धान की फसल का बीमा करवाने की अन्तिम तिथि 15 जुलाई, 2024 निर्धारित की गई है। यह जनाकरी कृषि उप निदेशक सोलन डॉ. सीमा कंसल ने दी।
उन्होंने बताया कि टमाटर की फसल का बीमा करवाने की अन्तिम तिथि 31 जुलाई, 2024 निर्धारित की गई है।
डॉ. सीमा कंसल ने बताया कि इच्छुक किसान फसलों का बीमा अपने नज़दीकी लोकमित्र केन्द्र के माध्यम से करवा सकते हैं। किसान अपनी जमाबन्दी, आधार कार्ड, बैंक पास बुक, बिजाई प्रमाण पत्र आदि लेकर लोकमित्र केन्द्रों में जा कर बीमा करवा सकते है। किसान ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से भी फसल आवेदन कर सकते हैं।
उप निदेशक ने बताया कि मक्की व धान की फसल के लिए 60 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है। मक्की तथा धान की फसल का बीमा करवाने के लिए किसानों को 96 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी।
उन्होंने बताया कि टमाटर की फसल के लिए 02 लाख रुपये प्रति हैक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है। किसानों को टमाटर की फसल के लिए 800 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत कम वर्षा, सूखा, बाढ़, सैलाब, भूमि कटाव, ओलावृष्टि और फसल कटाई के उपरांत दो सप्ताह तक होने वाले नुकसान तथा स्थानीयकृत आपदा को कवर किया जाता है।
उन्होंने बताया कि ऋणी किसानों के लिए यह योजना ऐच्छिक की गई है।
उप निदेशक ने आग्रह किया कि किसान अपनी मक्की, धान व टमाटर की फसल का बीमा करवाएं ताकि फसलों का नुकसान होने की स्थिति में उन्हें कृषि बीमा कम्पनियों से मुआवज़ा मिल सके।
उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नज़दीकी खण्ड के कृषि विषय वाद विशेषज्ञ तथा बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि से सम्पर्क कर सकते है।
.0.

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक