पीएम बॉक्स से गणतंत्र दिवस देखेगें नौणी यूनिवर्सिटी के सचिन

पीएम बॉक्स से गणतंत्र दिवस देखेगें नौणी यूनिवर्सिटी के सचिन
पीएम बॉक्स से गणतंत्र दिवस देखेगें नौणी यूनिवर्सिटी के सचिन

डॉ वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी से फूड टेक्नोलॉजी में पोस्ट-ग्रेजुएट सचिन मित्तल को देश भर के उन 100 मेधावी छात्रों में शामिल किया गया है जो नई दिल्ली के राजपथ पर प्रधानमंत्री बॉक्स से भव्य गणतंत्र दिवस परेड 2020 का नज़ारा देखेंगें। यह नौणी विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि इस आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के दो छात्रों का चयन किया गया है। एक अन्य छात्र,विश्वविद्यालय में वनस्पति विज्ञान विभाग में सीनियर रिसर्च फैलो डॉ रीना कुमारी को भी इस आयोजन के लिए चुना गया है।

यह दोनों छात्र भारत सरकार के केंद्रीय मानव संसाधन और विकास मंत्रालयद्वारा देश भर से चुने गए उन 100 मेधावी छात्रों में से एक हैं, जिन्हें इस वर्ष इस कार्यक्रम को देखने का सुनहरा अवसर मिला है। यात्रा का खर्च और रहने का प्रबंध मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा वहन किया जाएगा।

सचिन, राजस्थान के श्री गंगानगर जिले के रिदमलसर से संबंध रखते हैं। उन्होंने आईसीएआर जेआरएफ़ में ऑल इंडिया 14वां रैंक हासिल किया था। उन्होंने डॉ अंजू धीमान के मार्गदर्शन में नौणी विवि के खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से एमएससी फूड टेक्नोलॉजी की डिग्री पूरी की है। सचिन ने पके कद्दू के आटे का मूल्यांकन और बेकरी उत्पादों में इसके उपयोग पर शोध कार्य किया है। उन्होंने बी टेक में 79.6% और एमएससी कार्यक्रम में 88.1% अंक प्राप्त किए हैं। वर्तमान में वह किसान फ़र्स्ट परियोजना के तहत ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी डिवीजन, आईसीएआर- सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट-हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, लुधियानामें सीनियर रिसर्च फैलोहै। उन्होंने तीन शोध पत्र और दो पुस्तक अध्याय भी प्रकाशित किए हैं।

सचिन ने समर्थन और मार्गदर्शन के लिए मानव संसाधन मंत्रालय,विश्वविद्यालय, अपने माता-पिता और शिक्षकों का धन्यवाद किया। विश्वविद्यालय के कुलपति, डॉ परविंदर कौशल, वरिष्ठ अधिकारियों,संकाय और छात्रों ने सचिन को उनके चयन पर बधाई दी।

Third Eye Today

We’ve built a community of people enthused by positive news, eager to participate with each other, and dedicated to the enrichment and inspiration of all. We are creating a shift in the public’s paradigm of what news should be.

Leave a Reply

Your email address will not be published.