पांच महीने में पौधों ने दे दी सेब की फसल, 150 रुपये प्रति किलो मिले दाम

हिमाचल प्रदेश के शिमला ग्रामीण के बसंतपुर ब्लॉक के तहत धरोगड़ा पंचायत के ऐशा भमनोल के प्रगतिशील बागवन ने सेब के पांच महीने पहले पौधे रोपे और अब उसमें फसल भी तैयार कर दी है। सोमवार को बागवान के डार्क बैरोन बैरून गाला सेब को शिमला भट्ठाकुफर फल मंडी में 150 रुपये प्रति किलो के हिसाब से हाथों हाथ खरीदा। बागवन जवाहर लाल शर्मा ने इटली से सेब के 700 रुपये के हिसाब से 300 फेदर प्लांट मंगवाए और खेतों में उनकी रोपाई की।

पांच महीने में पौधों ने दे दी सेब की फसल

समय-समय पर मेहनत करने के बाद महज 5 माह के भीतर उसमे 130 किलो सेब उत्पाद तैयार किया है। जवाहर लाल शर्मा वर्ष साल 2002 में आईटीबीपी से सेवानिवृत्त हुए हैं। इसके बाद अपनी जन्मभूमि बमनोल में बागवानी शुरू की। उन्होंने बीते वर्ष नवंबर माह में ही डार्क बैरून गाला के 300 पौधे बुक करवाए। इस साल फरवरी माह में उनके पास सेब के पौधे पहुंचे और 10 से 14 फरवरी के बीच में सभी पौधों की उन्होंने रोपाई की। संवाद


आधुनिक तरीक से तैयार किया बगीचे
72 साल के इस बागवान ने सेब का नए बगीचा लगाने से पहले खेतों को जेसीबी मशीन से सीधा करवाया, उसके बाद खेतों में गड्ढे करवाकर उसमें पौधों की रोपाई की। पौधों की सिंचाई के लिए पानी की कमी होने के चलते ड्रिपिंग सिस्टम लगवाया और नमी को बरकरार रखने के लिए सेब के पास मल्चिंग शीट बिछाई।

इस तरह करें नया बगीचा तैयार
बागवान जवाहर लाल शर्मा ने बताया कि बगीचा तैयार करने से पहले हर बागवान खेतों की मिट्टी का परीक्षण जरूर करें। इसके साथ इस तरह बगीचों में सेब की रोपाई करें ताकि सही दिशा से पौधों को पूरी धूप मिले और सबसे जरूरी उसी वैरायटी का चयन करें जो कि उस क्षेत्र में आसानी से तैयार हो सके।

 

Vishal Verma

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