ऑल इण्डिया पंजाब नैशनल बैंक पेंशनर्स एण्ड रिटायरीस एसोसिएशन के सदस्य सोलन में हुए एकत्रित

आल इंडिया पंजाब नैशनल बैंक पेंशनर्स एण्ड रिटायरीस एसोसिएशन की हिमाचल इकाई का राज्य स्तरीय त्रैवाषिक सम्मेलन आज सोलन में सम्पन्न हुआ। जिसमें प्रदेश के बैंक सेवानिवृत्तियों के अलावा अखिल भारतीय स्तर के अनेक शीर्ष नेताओं ने सहभागिता की। सम्मेलन की अध्यक्षता एसोसिएशन के अखिल भारतीय प्रेसिडेंट एम. एल. गुप्ता ने की। पंजाब नैशनल बैंक के महाप्रबंधक और अंचल प्रबंधक हिमाचल ज़ोन एन. के. गर्ग इसमें बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। सम्मेलन में चर्चा के दौरान पेंशन अपडेशन और मैडिकल खर्च की प्रतिपूर्ति न होने के मुद्दे प्रमुखतया छाए रहे। पिछले बीस वर्षों से बैंक कर्मियों की पेंशन में तनिक भी बढ़ोतरी नहीं हुई है और न ही बैंक मेडिकल खर्च की प्रतिपूर्ति करते हैं। अखिल भारतीय स्तर पर एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार और बैंक ट्रेड यूनियन आंदोलन के नेता के. डी. खेड़ा ने अपने संबोधन में बैंक सेवानिवृत्तियों की वास्तविक समस्याओं के प्रति सरकार के रवैये को उदासीनतापूर्ण बताया और नौकरशाही तथा इंडियन बैंक एसोसिएशन की नकारात्मक भूमिका के लिए उनकी कड़ी भर्त्सना की।

 

गौरतलब है कि 2 वर्ष पहले आईबीए की वार्षिक बैठक में वित्त मंत्री श्रीमती सीता रमण ने बैंक कर्मियों की पेंशन बढ़ोतरी के मुद्दे का संज्ञान लेते हुए आईबीए और भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन को इस बारे में उचित कदम उठाने की हिदायत दी थी लेकिन इस संबंध में अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है। पेंशन बढ़ोतरी से संबंधित उच्चतम न्यायालय में लंबित मामलों में भी आईबीए का रवैया नकारात्मक और अड़ंगे लगाने वाला है जिसके कारण उनके निपटान में अवांछित विलंब हो रहा है । परिणामस्वरूप
पेंशनधारकों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2012 में वित्त मंत्रालय ने बैंकों को निर्देश दिए थे कि सेवानिवृत्तियों के लिए सामूहिक स्वास्थ्य बीमा योजना लाई जाए और बीमा की किश्त का भुगतान बैंक अपनी कल्याण निधि (Welfare Fund) से करें। पंजाब नैशनल बैंक ने यह सुविधा अपने कार्यरत स्टाफ़ को तो दी लेकिन सेवानिवृत्तियों को हर वर्ष बीमा की किश्त के रूप में पचास हजार रुपये से अधिक का भुगतान स्वयं करना होता है। मजबूर होकर बैंक के सेवानिवृत्तियों को अपने आक्रोश को व्यक्त करने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक