हिमाचल राज्यसभा चुनाव: प्रत्याशी चयन में जल्दबाजी नहीं करेगी कांग्रेस, ये नाम चर्चा में
राज्यसभा चुनाव के लिए पिछले अनुभव से सीख लेकर कांग्रेस इस बार फूंक-फूंककर कदम रखेगी। सत्तारूढ़ दल इसीलिए चुनाव घोषित होने के बावजूद उम्मीदवार घोषित करने की जल्दबाजी में नहीं है। पार्टी हर संभावना पर विचार करेगी। पिछली बार कांग्रेस विधायकों की बगावत के बाद राज्यसभा की सीट कांग्रेस के हाथ से छिटक गई थी। नौ अप्रैल को राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी का कार्यकाल पूरा हो रहा है। बुधवार को निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। चुनाव की अधिसूचना 26 फरवरी को होगी और नामांकन 5 मार्च तक भरा जाना है। ऐसे में नामांकन भरे जाने के लिए अभी 12 दिन का समय है। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान इस बारे में मंथन करेगा।
कांग्रेस में ये नाम चर्चा में
कांग्रेस की ओर से कई संभावित उम्मीदवारों के नाम चर्चा में हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा भी हैं। वह पहले भी राज्यसभा के लिए चुने जाते रहे हैं। आनंद के अलावा एक खेमा पूर्व लोकसभा सांसद पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह की दावेदारी पेश कर रहा है। सुक्खू सरकार में स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल लोकसभा सांसद रह चुके हैं। वे कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य भी रह चुके हैं। शांडिल या किसी अन्य मंत्री को भी राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा है। इसके अलावा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर भी दावेदारी यह कहकर पेश कर चुके हैं कि हाईकमान उन्हें मौका देगा तो वह पार्टी की सेवा के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के करीबी और उनके राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू को भी उम्मीदवार दिया जा सकता है।
सिंघवी को खानी पड़ी थी मुंह की
2024 में जब केंद्रीय मंत्री नड्डा का राज्यसभा सांसद का कार्यकाल पूरा हुआ तो कांग्रेस ने केंद्र से कद्दावर नेता अभिषेक मनु सिंघवी को उम्मीदवार दिया। मगर कांग्रेस के पास हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बहुमत होने के बावजूद सिंघवी चुनाव हार गए थे। कांग्रेस के पास उस वक्त 40 विधायक थे, जबकि भाजपा के पास 25 थे और 3 निर्दलीय विधायक थे। कांग्रेस के 6 विधायकों ने बगावत कर भाजपा के हर्ष महाजन को जिता दिया। 3 निर्दलियों का सहारा लेकर भाजपा कामयाब रही।
![]()
