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हिमाचल में अब 75 छात्र संख्या वाले दस सरकारी कॉलेज ही होंगे मर्ज

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने 75 से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 10 कॉलेजों को नजदीकी कॉलेजों में मर्ज करने का निर्णय लिया है। जिला शिमला के तीन, मंडी-कांगड़ा के दो-दो, चंबा, सोलन और लाहौल-स्पीति जिले के एक-एक कॉलेज को समायोजित किया जाएगा। पहले सरकार ने सौ से कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों को मर्ज करने का फैसला लिया था, लेकिन विरोध के चलते अब 75 छात्र संख्या वाले कॉलेजों को ही मर्ज किया जा रहा है। मर्ज होने वाले कॉलेजों में शिमला जिले के टिक्कर में छात्र संख्या 6, कुपवी में 53 और ननखड़ी में 66 है। मंडी जिले के संधोल में 38 और कोटली में 70 विद्यार्थी हैं।

कांगड़ा जिले के हरिपुर गुलेर में 32 और मुल्थान में 59 विद्यार्थी हैं। इसके अलावा चंबा जिले के भलेई में 19, सोलन जिले के जयनगर में 68 और लाहौल-स्पीति जिले के कुकुमसेरी में 40 विद्यार्थी हैं। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार इन कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम होने के कारण संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा था। ऐसे में सरकार ने शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और उपलब्ध बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन कॉलेजों का युक्तिकरण करने का फैसला लिया है। जिन कॉलेजों को मर्ज किया जाएगा, वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को नजदीकी कॉलेजों में दाखिला देंगे। कॉलेजों के मर्ज होने के बाद वहां कार्यरत शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को सरप्लस घोषित कर आवश्यकता वाले संस्थानों में भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार ने कुछ दिन पहले 100 से कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों को मर्ज करने की योजना बनाई थी। हालांकि, इस प्रस्ताव का विभिन्न क्षेत्रों में विरोध शुरू हो गया था। इसके बाद सरकार ने यू टर्न लेते हुए छात्र संख्या की सीमा 100 से घटाकर 75 कर दी। इस फैसले से 11 कॉलेज मर्ज होने के दायरे से बाहर हो गए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों के संचालन में संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पाता। ऐसे में कॉलेजों का युक्तिकरण करने से शिक्षकों की उपलब्धता बेहतर होगी।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक