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हिंदी माध्यम में भी सामाजिक विज्ञान पढ़ सकेंगे विद्यार्थी, एचपी बोर्ड छठी कक्षा से देगा सुविधा

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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण और छात्र हितैषी बदलाव करने का निर्णय लिया है। आगामी शैक्षणिक सत्र से बोर्ड सोशल स्टडी (सामाजिक विज्ञान) की पाठ्य पुस्तक को हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उपलब्ध करवाएगा। यह नई व्यवस्था छठी कक्षा से शुरू की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को सुविधा और समझ के अनुसार अध्ययन का माध्यम चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी। पूर्व शैक्षणिक सत्र में सोशल स्टडी की पुस्तक केवल अंग्रेजी माध्यम में ही उपलब्ध थी। हिंदी माध्यम में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को विषय को समझने में कठिनाई होती थी। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों और सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन जाती थी।बोर्ड के इस फैसले से हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और परीक्षा परिणाम दोनों में सुधार की संभावना है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में अब भी हिंदी माध्यम में पढ़ाई का चलन अधिक है।

बीबीए, बीसीए समेत चार कोर्सों की डेटशीट जारी
स्नातक कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं की डेटशीट जारी होने के बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने प्रोफेशनल कोर्सों की परीक्षाओं को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। विश्वविद्यालय ने बीबीए, बीसीए, बीबीए टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट और बीवॉक के द्वितीय, चतुर्थ और छठे सेमेस्टर की परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी है। प्रोफेशनल कोर्सों की परीक्षाएं 16 अप्रैल से शुरू होंगी।

नियंत्रक परीक्षा कार्यालय से जारी सूचना के अनुसार डेटशीट विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। छात्र अब अपने-अपने कोर्स और सेमेस्टर के अनुसार परीक्षा शेड्यूल देख सकते हैं। परीक्षाएं सुबह और शाम, दोनों सत्रों में होगी। विश्वविद्यालय ने संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों को भी निर्देश दिए हैं कि वह यह जानकारी सभी छात्रों तक समय पर पहुंचाएं और परीक्षा से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, साथ ही सीडीओई जनसंपर्क अधिकारी और परीक्षा शाखा के अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए अवगत करलाया गया है। विश्वविद्यालय पहले ही यूजी कोर्स की अंतिम डेटशीट जारी कर चुका है।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक