पेंशनरों की लंबित मांगों पर सुंदरनगर में मंथन, बजट में समाधान की उठी मांग
सुंदरनगर में हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक चेयरमैन सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे पेंशनर्स प्रतिनिधियों ने लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की तथा सरकार से इनका शीघ्र समाधान करने की मांग उठाई। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए समिति के चेयरमैन सुरेश ठाकुर ने बताया कि विशेष रूप से उन पेंशनरों की समस्याओं को उठाया गया जो 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इन पेंशनरों को अभी तक संशोधित ग्रैच्युटी, कम्यूटेशन और लीव इनकैशमेंट की राशि नहीं मिल पाई है। इसके अलावा छठे वेतन आयोग के तहत मिलने वाली बकाया राशि और एरियर भी अब तक जारी नहीं किए गए हैं, जिससे पेंशनरों में भारी नाराजगी है। सुरेश ठाकुर ने कहा कि पेंशनर्स कई बार प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी लंबित मांगों को लेकर आग्रह कर चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि सरकार उनकी समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी, लेकिन अब तक इन मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि आगामी बजट में पेंशनरों की लंबित मांगों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वित्तीय प्रावधान किया जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस बजट में भी पेंशनरों की आर्थिक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 30 मार्च से राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन और विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा और पेंशनर्स अपने हक के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे।
सुरेश ठाकुर ने सरकार पर वित्तीय संकट का हवाला देकर पेंशनरों की मांगों को टालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार आर्थिक तंगी की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर विभिन्न विभागों में करोड़ों रुपये की नई गाड़ियां खरीदी जा रही हैं, जो सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि किसी मंत्री की बेटी को सेवा विस्तार दिया गया और एक्सटेंशन के दौरान ही उसे प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नत कर दिया गया। उन्होंने आईजीएमसी में एक महिला को दी गई एक्सटेंशन और पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में उनके सैक्ट्री रहे एक अधिकारी को भी सेवा विस्तार दिए जाने का उदाहरण देते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
सुरेश ठाकुर ने कहा कि पेंशनर्स सरकार से कोई विशेष सुविधा नहीं बल्कि अपना हक मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कोने-कोने में सेवा देने के बाद पेंशनर्स अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। सुरेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सरकार को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन आने वाले समय में पेंशनर्स उन्हें भी करारा जवाब देंगे।
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