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फिर चर्चा में SDM ओशिन शर्मा, सरकारी पद पर रहते ब्रांड प्रमोशन के वीडियो पर विवाद

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शिमला शहर की एसडीएम ओशिन शर्मा एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। लेकिन इस बार वजह कोई प्रशासनिक आदेश या जनसुनवाई नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो है। इस वीडियो में वह एक कंपनी का पार्सल खोलते हुए उसके उत्पाद दिखाती नजर आती हैं। वीडियो में स्लग दिया गया है कि उन्हें कंपनी का पहला पार्सल मिला है और फिर वह उत्पादों को कैमरे के सामने उसी अंदाज में पेश करती हैं, जैसे किसी विज्ञापन या प्रमोशनल वीडियो में किया जाता है।

यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि यह ‘पेड प्रमोशन’ जैसा लग रहा है। एक यूजर ने लिखा है कि एक जागरूक नागरिक होने के नाते केवल इतना निवेदन है कि “एसडीएम जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए निजी उत्पादों के प्रचार से बचना सेवा आचरण नियमों के अनुरूप माना जाता है। आशा है आप इसे सकारात्मक रूप से लेंगी।” वहीं, एक अन्य  ने तंज करते हुए लिखा है कि लगता है सरकार को इनका वेतन बढ़ाने की सख्त जरूरत है।” एक अन्य यूजर्स के अनुसार सरकारी सेवा में होते हुए  उत्पादों की प्रमोशन न करो।

वीडियो में जिस कंपनी के प्रोडक्ट्स दिखाए गए हैं, वह ‘Corebolics’ नाम से बताए जा रहे हैं। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर एक और टिप्पणी वायरल हो रही है। इसमें लिखा है, “SDM साहिबा को ‘Corebolics’ के डिब्बे खोलते देख क्या हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1974 भी unbox हो गए?” पोस्ट में आगे नियम 13 और 15 का हवाला देते हुए कहा गया है कि कोई भी सरकारी अधिकारी बिना सरकार की अनुमति के किसी तरह का व्यावसायिक समर्थन (Commercial Endorsement) या व्यापार नहीं कर सकता।

कुछ लोगों ने इस पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका निष्पक्ष और सार्वजनिक सेवा से जुड़ी होती है। ऐसे में किसी निजी कंपनी के उत्पादों को इस तरह दिखाना क्या सेवा नियमों के अनुरूप है? हालांकि अभी तक इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

उधर इस बारे में एमबीएम न्यूज़ नेटवर्क ने एसडीएम ओशिन शर्मा से बात की। उनसे पूछा गया कि सोशल मीडिया पर आपका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे आप एक एक कंपनी के कुछ प्रोडक्ट्स को प्रमोट करती नजर आ रही है क्या ये वास्तव में आपका वीडियो है।  इस पर एसडीएम ओशिन शर्मा का जवाब आया “नो कमैंट्स” और फ़ोन को काट दिया। अब इस चुपी का क्या मतलब है ये तो खुद एसडीएम ही बता सकती है।

यह पहली बार नहीं है जब किसी सरकारी अधिकारी की सोशल मीडिया गतिविधियों पर सवाल उठे हों। लेकिन इस मामले में चर्चा इसलिए तेज है क्योंकि वीडियो में उत्पादों को पेश करने का तरीका कई लोगों को प्रमोशनल लग रहा है।

अब सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक निजी सोशल मीडिया पोस्ट है या फिर इसे आधिकारिक पद के साथ जोड़ा जाना चाहिए? और यदि यह प्रमोशन माना जाता है, तो क्या इसके लिए सरकार की अनुमति ली गई थी? इन सवालों के जवाब आने बाकी हैं, लेकिन फिलहाल यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक