सबसे पहले बिजली बोर्ड कर्मचारियों के घर में लगेंगे स्मार्ट मीटर, लोगों के विरोध के बाद लिया फैसला
बिजली के स्मार्ट मीटर का प्रदेश के अनेकों हिस्सों में हो रहे विरोध को देखते हुए अब राज्य बिजली बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने लोगों के विरोध को देखते अब बिजली कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मियों के घर पर सबसे पहले स्मार्ट मीटर लगाने का फैसला लिया है। यह व्यवस्था कांगड़ा विद्युत जोन के लिए जारी की गई है। मंगलवार को जारी निर्देशों के अनुसार यह तय किया गया है कि बिजली बोर्ड के सभी मौजूदा कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए स्मार्ट मीटर लगाने-बदलने का काम पहली प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस पहल का मकसद आम लोगों में स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट के बारे में भरोसा जगाना और बिजली बोर्ड की ओर से लागू किए जा रहे सिस्टम में पारदर्शिता, मजबूती और विश्वास दिखाना है।

बोर्ड ने सहायक अभियंताओं को दिए ये निर्देश
बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि सभी सहायक अभियंता अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत कार्यरत एवं सेवानिवृत्त एचपीएसईबीएल कर्मचारियों की सूची तैयार कर प्रस्तुत करेंगे। स्मार्ट मीटर प्राथमिकता के आधार पर इन कर्मचारियों व सेवानिवृत्त कर्मियों के घरों में लगाए व बदले जाएंगे। ऐसे मामलों में जहां बिजली कनेक्शन/मीटर कर्मचारी के नाम पर नहीं है, लेकिन जगह पर वह रहता है, ऐसे मीटर भी प्राथमिकता पर बदले जाएंगे। यह प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरा की जाएगी और प्रगति की रिपोर्ट बोर्ड मुख्यालय को हर हफ्ते दी जाएगी। इसके अलावा बोर्ड ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों से भी लोगों में यह जागरूकता फैलाने में मदद मांगी गई है कि स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट पूरी तरह से एक टेक्नोलॉजिकल अपग्रेडेशन पहल है जिसका मकसद पारदर्शिता, बिलिंग दक्षता और उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर बनाना है, और इसका निजीकरण से कोई लेना-देना नहीं है। बोर्ड ने साफ किया है कि सभी सहायक अभियंता इन निर्देशों को लागू करने पर खुद नजर रखेंगे ताकि यह आसानी से लागू हो सके।
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