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मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से की भेंट

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छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर-ओच्छघाट सड़क के लिए सैद्धांतिक रूप से 200 करोड़ रुपये किए गए स्वीकृत

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट की। बैठक में राज्य में सड़क अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण के संबंध में विस्तृत विचार विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से सड़कों और पुलों की मरम्मत एवं रख-रखाव के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री ने सीआरआईएफ के अंतर्गत छैलादृनेरीपुलदृयशवंत नगरदृओच्छघाट सड़क के लिए सैद्धांतिक रूप से 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की, इससे प्रदेश के सेब उत्पादकों को व्यापक लाभ मिलेगा।


मुख्यमंत्री ने शिमलादृमटौर राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रगति से केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया। यह राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य की राजधानी को 8 जिलों सहित पड़ोसी राज्यों से जोड़ता है। उन्होंने क्षेत्र की पर्वतीय भौगोलिक स्थिति और भू-वैज्ञानिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए शिमला से शालाघाट तथा भगेड़ से हमीरपुर तक अधिक से अधिक संख्या में सुरंगों के निर्माण का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पैकेज-4 के अन्तर्गत फोरलेन निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया, जिसमें चीलबाहल स्थित हमीरपुर बाईपास के छोर से भंगबार तक का हिस्सा तथा नया उत्तरी हमीरपुर बाईपास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत मानसून के कारण चीलबाहल से पक्का भरोह खंड में विभिन्न स्थानों पर भारी क्षति पहुंची है और पिछले पांच से छह वर्षों में इस सड़क के सुदृढ़ीकरण का कार्य नहीं किया गया। यह सड़क विभिन्न धार्मिक स्थलों तक पहंुचने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने एनएच-03 के चिलबाहल से पक्का भरोह खंड को विकास एवं रखरखाव कार्यों के लिए हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (एनएच विंग) को सौंपने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि एनएचएआई द्वारा 38.37 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान करने की भी अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री ने इस राशि को मंजूरी प्रदान करते हुए राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह भी उपस्थित थेे।


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Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक