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शिमला में चिट्टे का शिकार बना किशोर, ओवरडोज़ से गई जान

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शिमला जिला के रोहड़ू उपमंडल में चिट्टा (हेरोइन) की ओवरडोज़ से 19 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत होने का मामला सामने आया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार युवक को गंभीर हालत में रोहड़ू अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतक को अस्पताल पहुंचाने वाले परिजनों ने बताया कि युवक कुछ समय से नशे की चपेट में था और उसकी सेहत अचानक बिगड़ने पर उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके।

रोहडू पुलिस ने मामले में धारा 194 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की है। युवक का नाम पुलिस ने गोपनीय रखा है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि मौत चिट्टा ओवरडोज़ की वजह से हो सकती है। हालांकि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। युवक के शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।

डीएसपी रोहड़ू प्रणव चौहान ने शनिवार को बताया कि युवक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा होगा। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों खासकर चिट्टा का इस्तेमाल युवाओं के बीच तेजी से फैल रहा है, जो समाज और परिवारों के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन युवाओं में तेजी से बढ़ती नशे की लत गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।

बता दें कि शिमला जिला पुलिस रोजाना चिट्टा तस्करी से जुड़े मामले दर्ज कर रही है और नशा नेटवर्क को तोड़ने के लिए सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। चिट्टे की आपूर्ति बाहरी राज्यों से होने की आशंका पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।

शिमला जिला पुलिस के आंकड़ों के अनुसार एक साल में नशा तस्करी के खिलाफ अब तक लगभग 242 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें करीब 530 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पकड़े गए कई आरोपियों में अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह के सदस्य भी शामिल हैं। चिट्टा तस्करी में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली सहित बाहरी राज्यों के नेटवर्क सक्रिय हैं। पुलिस सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखकर चिट्टा तस्करों को पकड़ रही है और अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक