डीसी ऑफिस का रास्ता यहां पड़ रहा चोरों से वास्ता, खबर अंत तक जरूर पढ़ें जनहित में है
लगता है किसी को डीसी ऑफिस को जाने वाली लाईट से कोई परेशानी हो रही थी तभी उसने इस समस्या का हल निकाला और उसे वहां से निकाल कर रफूचक्कर हो गया। ये पहली बार नही है जब ये हुआ हो इससे पहले भी ऐसा हो चुका है। मनचलों का भी ये काम नजर नही आता क्योकि वो तो सधा हुआ निशाना मारकर उसे ओलिंपिक खिलाड़ी होने का प्रमाण देते रहते हैं। पर आखिर ऐसा है कौन जिसकी आंखों को ये फूटी आंख नहीं सुहाती है? अगर सुहाती होती तो तीसरी बार कोई इसी जगह पर इस को अंजाम नहीं देता। घटना से पार्षद भी परेशान है और हर द्वार पर गुहार लगा रही है कि किसी भी तरह इस समस्या से निजात दिलाई जाए। एक तो नगर निगम में अभी एलईडी नही दूसरी अब निगम भी भाजपा की नही। अब इतनी बड़ी समस्या लेकर जाए भी तो जाएं कहां, कांग्रेस की निगम के खिलाफ पानी को लेकर वाकआउट किया है ऐसे में समस्या का हल भी निकलता नजर नही आ रहा है।
अगर किसी ने इस घटना को अंजाम दिया है और वो इस खबर को पढ़ रहा है तो उससे अनुरोध है ऐसा अगली बार न करें। पार्षद बहुत परेशान है व एलईडी के लिए दर दर की ठोकरें खा रही है। अगर आपने इसे घर मे भी रखा है तो इसे वापिस कर दें आपका नाम किसी को नही बताया जाएगा। आपके हुनर को सब मान चुके है जो आपने डीसी, एसपी सहित सभी अधिकारियों से लेकर महिला मोर्चा की अध्यक्ष के घर तक जाने वाले रास्ते मे ये हुनर कर डाला।


