20 साल पहले का इतिहास रचने को तैयार लीला देवी ठाकुर, लोगों का मिल रहा भारी समर्थन
लीला देवी ठाकुर पूर्व में भी ज़िला परिषद सदस्य रह चुकी हैं (2000-2005) और लोगों के बीच एक जाना पहचाना चेहरा है, लीला देवी ठाकुर रमेश ठाकुर की धर्मपत्नी है जो सोलन मे काँग्रेस का एक बहुत बड़ा नाम है और रमेश ठाकुर भी पूर्व में जिला परिषद सदस्य रह चुके हैं और राजा वीरभद्र सिंह के खास सिपहसलारों मे एक रहे हैं और उनके पुत्र भी वर्तमान मे Sirinagar पंचायत के प्रधान और ज़िला युवा काँग्रेस के अध्यक्ष है और इसी कारण देखा जा रहा है कि युवाओ का रुख भी लीला देवी ठाकुर के साथ है।याद रहे कि रमेश ठाकुर ने वीरभद्र सरकार मे APMC सोलन के चेयरमैन रहते हुए कंडाघाट क्षेत्र मैं विकास कार्यो की झड़ी लगा दी थी जिसमें सबसे अहम कंडाघाट मे डिग्री कॉलेज का खुलवाना, कंडाघाट मे खेल के मैदान का कार्य, 50 बिस्तरों के अस्पताल का कार्य, कंडाघाट मे 100 बीघा जमीन पर 1 अरब की लागत से बनने वाली सब्जी मंडी का निर्माण और यहाँ तक कि कंडाघाट मे Mini-Sectrariat का बनाना भी रमेश ठाकुर के अथक प्रयासों का नतीज़ा है और आज इन्हीं विकास कार्यो के नाम पर रमेश ठाकुर अपनी धर्मपत्नी लीला देवी ठाकुर को चुनाव मैदान में उतारे हुए हैं।
रमेश ठाकुर का राजा वीरभद्र का नजदीकी होना शुरू से ही काँग्रेस के कुछ नेताओं को अखरता आया है और इसी कारण ये लोग रमेश ठाकुर की टांग खिचाई और विकास कार्यो को रुकवाने का काम करते आए हैं! एक बड़े नेता ने पूर्व सरकार मे पूरा प्रयत्न किया था कि कंडाघाट मे खुलने वाला डिग्री कॉलेज कंडाघाट मे ना होकर ममलीग में खुले, लेकिन रमेश ठाकुर का राजा वीरभद्र का करीबी होने के कारण ये षडयंत्र सफ़ल नहीं हो सका।
अब देखना ये होगा कि जनता काम कराने वाले नेतृत्व को जीताती है या खुद को तथाकथित पार्टी उम्मीदवार घोषित कर के चुनाव में उतरने वाले लोगों को याद रहे प्रदेश में होने वाले पंचायती राज के चुनाव पार्टी सिम्बल पर नहीं हो रहे हैं इसलिए किसी को पार्टी उम्मीदवार घोषित कर के चुनाव में उतारना और पार्टी के नाम पर वोट माँगना लोगों की नजर में कुछ खरा नी उतर रहा।
लीला देवी ठाकुर के बढ़ते जनाधार और युवाओं के साथ ने पार्टी के बड़े नेताओ को उनके खिलाफ चुनाव में उतरने पर मजबूर कर दिया है लेकिन इसका कोई खास असर चुनावी मैदान पर पड़ता दिख नहीं रहा है और लीला देवी अपने चुनावी निशान बल्लेबाज के साथ डट कर चुनावी हैट्रिक मारने को पूरी तरह तैयार है।


लीला देवी ठाकुर पूर्व में भी ज़िला परिषद सदस्य रह चुकी हैं (2000-2005) और लोगों के बीच एक जाना पहचाना चेहरा है, लीला देवी ठाकुर रमेश ठाकुर की धर्मपत्नी है जो सोलन मे काँग्रेस का एक बहुत बड़ा नाम है और रमेश ठाकुर भी पूर्व में जिला परिषद सदस्य रह चुके हैं और राजा वीरभद्र सिंह के खास सिपहसलारों मे एक रहे हैं और उनके पुत्र भी वर्तमान मे Sirinagar पंचायत के प्रधान और ज़िला युवा काँग्रेस के अध्यक्ष है और इसी कारण देखा जा रहा है कि युवाओ का रुख भी लीला देवी ठाकुर के साथ है।याद रहे कि रमेश ठाकुर ने वीरभद्र सरकार मे APMC सोलन के चेयरमैन रहते हुए कंडाघाट क्षेत्र मैं विकास कार्यो की झड़ी लगा दी थी जिसमें सबसे अहम कंडाघाट मे डिग्री कॉलेज का खुलवाना, कंडाघाट मे खेल के मैदान का कार्य, 50 बिस्तरों के अस्पताल का कार्य, कंडाघाट मे 100 बीघा जमीन पर 1 अरब की लागत से बनने वाली सब्जी मंडी का निर्माण और यहाँ तक कि कंडाघाट मे Mini-Sectrariat का बनाना भी रमेश ठाकुर के अथक प्रयासों का नतीज़ा है और आज इन्हीं विकास कार्यो के नाम पर रमेश ठाकुर अपनी धर्मपत्नी लीला देवी ठाकुर को चुनाव मैदान में उतारे हुए हैं।