Third Eye Today News

75 साल की उम्र में दो महिलाओं ने कम उम्र के पतियों से लिया तलाक

Spread the love

आमतौर पर 75 साल की उम्र को जीवन के शांत पड़ाव के रूप में देखा जाता है, लेकिन हिमाचल प्रदेश में इसी उम्र की दो महिलाओं ने अपने से काफी कम उम्र के पतियों से अलग रहने का फैसला लेकर सबका ध्यान खींचा है। दोनों मामलों में पति-पत्नी ने आपसी सहमति से परिवार न्यायालय शिमला में संयुक्त याचिकाएं दायर कीं और अदालत ने तलाक को मंजूरी दे दी।

ये दोनों मामले शिमला जिले के उपमंडल ठियोग क्षेत्र से जुड़े हैं। दोनों मामलों की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय शिमला में हुई। खास बात यह है कि जब इन शादियों का विवाह हुआ था, तब पतियों की उम्र पत्नियों से काफी कम थी, और अब 75 साल की उम्र में आकर दोनों रिश्ते कानूनी रूप से खत्म हो गए।

पहले मामले में 75 साल की महिला और 59 साल के पुरुष ने तलाक की संयुक्त याचिका दायर की। दोनों का विवाह वर्ष 1990 में हुआ था। उस समय महिला की उम्र करीब 39 साल और पुरुष की उम्र करीब 23 साल थी। इस विवाह से कोई संतान नहीं हुई। याचिका में बताया गया कि वर्ष 2010 से दोनों के बीच गंभीर मतभेद पैदा हो गए थे। समाज के सम्मानित लोगों ने कई बार समझौते की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बन सकी। अंततः दोनों ने सहमति से विवाह समाप्त करने का फैसला लिया।

दूसरे मामले में 75 साल की महिला और 39 साल के पुरुष ने संयुक्त रूप से अदालत में याचिका दायर की। इनका विवाह वर्ष 2008 में हुआ था। उस समय महिला की उम्र करीब 57 साल और पुरुष की उम्र करीब 21 साल थी। इस विवाह से तीन बच्चे हैं। याचिका में बताया गया कि जून 2021 से दोनों के बीच मतभेद इतने बढ़ गए कि वे अलग-अलग रहने लगे। कई प्रयासों के बावजूद विवाद सुलझ नहीं सका और दोनों ने अदालत में स्पष्ट कहा कि अब वे वैवाहिक संबंध जारी नहीं रखना चाहते।

अदालत ने दोनों पक्षों के शपथ पत्र और परिस्थितियों की जांच-पड़ताल के बाद माना कि दोनों मामलों में पति-पत्नी के बीच दोबारा मेल-मिलाप की संभावना नहीं है। इसके बाद अदालत ने आपसी सहमति से तलाक की अनुमति दे दी।

दूसरे मामले में यह भी तय हुआ कि तीनों बच्चे पिता के साथ रहेंगे, लेकिन पिता बच्चों को मां से मिलने की अनुमति देगा। साथ ही गुजारा भत्ते को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी। पहले मामले में 59 साल के पति ने अपनी पेंशन में से तलाकशुदा पत्नी को हर महीने 5 हजार रुपये भरण-पोषण देने पर सहमति जताई है। इसके अलावा पत्नी के रहने के लिए एक कमरा, रसोई और स्नानघर की व्यवस्था भी पति करेगा। यदि पत्नी बीमार पड़ती है, तो प्राथमिक उपचार का खर्च भी वही उठाएगा।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक