सोलन RLA फर्जीवाड़ा जांच में नया मोड़ , पांच जिलों के RLA को भेजे पत्र, गायब ट्रकों की तलाश तेज
पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण सोलन (RLA) में सामने आए वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े की जांच अब नए और अहम मोड़ पर पहुंच गई है। जांच टीम ने पांच जिलों के RLA कार्यालयों को पत्र लिखकर उन वाहनों का पूरा रिकॉर्ड मांगा है, जिन्हें कथित रूप से फर्जी तरीके से पंजीकृत कर बाद में अन्य क्षेत्रों में ट्रांसफर दिखाया गया था।
जांच के दायरे में झंडूता, बिलासपुर, नूरपुर, सुंदरनगर और कुल्लू क्षेत्र शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फर्जी तरीके से पंजीकृत तीन प्रमुख ट्रकों को झंडूता में ट्रांसफर दिखाया गया था, लेकिन ये वाहन वहां से रहस्यमयी तरीके से गायब पाए गए, जिससे पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।
तकनीकी जांच भी इस मामले में बड़ी चुनौती बनी हुई है। फर्जी आईडी के जरिए वाहन पंजीकरण के लिए जिस सर्वर का उपयोग किया गया, वह दिल्ली में स्थित बताया जा रहा है। सोलन पुलिस ने संबंधित आईपी एड्रेस की जानकारी जुटाने के लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क किया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी लॉगिन कहां से संचालित किए जा रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि वाहन पोर्टल पर अपनी और एसडीएम की फर्जी आईडी बनाने वाला क्लर्क पहले बिलासपुर में तैनात था और नवंबर 2025 में सोलन स्थानांतरित हुआ था। पुलिस को आशंका है कि बिलासपुर के निलंबित क्लर्क और सोलन के कर्मचारी के बीच आपसी तालमेल रहा हो सकता है। दोनों के कॉल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
टी. साई दतात्रेय वर्मा ने बताया कि फर्जी पंजीकरण वाले तीनों ट्रक झंडूता में नहीं मिले हैं और आशंका है कि उन्हें उत्तर प्रदेश की सीमाओं में कहीं छिपाया गया है। वहीं मनमोहन शर्मा ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की सख्ती और तकनीकी जांच के बीच यह मामला अब बड़े नेटवर्क की ओर संकेत कर रहा है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
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