Third Eye Today News

होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज कुमारहट्टी में प्रसूति एवं स्त्री रोग विज्ञान में 6 दिवसीय सीएमई का तीसरा दिन

Spread the love

सोलन होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, कुमारहट्टी, बड़ोग बाईपास, सोलन में 15-20 दिसंबर 2025 तक चल रहे प्रसूति एवं स्त्री रोग विज्ञान में छह दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का तीसरा दिवस सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

तीसरे दिवस की मुख्य बातें

इस दिन गर्भावस्था के दौरान होने वाले संक्रमणों और जटिलताओं पर केंद्रित दो महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए:

वैज्ञानिक सत्र 1: गर्भावस्था में संक्रमण

पहले सत्र में गर्भावस्था में संक्रमण के विषय पर चर्चा की गई, जिसका नेतृत्व डॉ. चरणजीत सिंह, डीन, गंगानगर होम्योपैथिक अस्पताल एवं अनुसंधान संस्थान, तांतिया विश्ववि‌द्यालय,  गंगानगर, राजस्थान ने किया। उन्होंने गर्भावस्था में होने वाले सामान्य संक्रमणों से लेकर दुर्लभ लेकिन अधिक खतरनाक संक्रमणों के बारे में विस्तार से बताया, जो नवजात शिशु के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकते हैं। सत्र में सामान्य यौन संचारित रोग, गोनोरिया, सिफलिस, तपेदिक, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया, उनके निदान तथा उनके पारंपरिक एवं होम्योपैथिक उपचार के बारे में जानकारी दी गई।

वैज्ञानिक सत्र 2: गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य हार्मोनल विकार

दूसरे वैज्ञानिक सत्र का नेतृत्व डॉ. इशिता गंजू, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग, बैक्सन होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, ग्रेटर नोएडा ने किया। सत्र का विषय गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप, मधुमेह मेलिटस और अन्य हार्मोनल विकार जैसे थायरॉइड तथा बवासीर था। उन्होंने उच्च रक्तचाप और मधुमेह मेलिटस के कारणों और उनकी जटिलताओं के बारे में बताया जो कठिन प्रसव की ओर ले जाती हैं और शल्य चिकित्सा हस्तक्षेप के संकेत देती हैं। उन्होंने उपरोक्त स्थितियों के साथ-साथ गर्भावस्था के दौरान अन्य हार्मोनल विकारों के लिए होम्योपैथिक हस्तक्षेप भी साझा किया।

विशेषज्ञ संकाय

तीसरे दिवस में राजस्थान और उत्तर प्रदेश से प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने ज्ञान और अनुभव को साझा किया, जिससे प्रतिभागी चिकित्सा पेशेवरों को गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिल चिकित्सीय स्थितियों के प्रबंधन में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त हुई।

सीएमई के बारे में

यह छह दिवसीय सीएमई कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सा पेशेवरों को प्रसूति एवं स्त्री रोग विज्ञान में होम्योपैथिक प्रबंधन और समकालीन प्रथाओं पर अद्यतन करना है, जो मातृ और प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल में ज्ञान के आदान-प्रदान और पेशेवर विकास के लिए एक मंच प्रदान करता है।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक