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सीनियर असिस्टेंट के घर पर दिल्ली क्राइम ब्रांच की दबिश, आरोपी फरार;

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क्षेत्रीय लाइसेंसिंग एवं पंजीकरण प्राधिकरण (आरएलए) बिलासपुर में चोरी की गाड़ियों का फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण के मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने सीनियर असिस्टेंट गौरव की तलाश शुरू कर दी है। टीम ने बुधवार रात और वीरवार को उसके घर और अन्य ठिकानों पर दबिश दी। टीम के घर पहुंचने से पहले ही वह भाग निकला। बताया जा रहा है कि आरोपी अग्रिम जमानत लेने के लिए दिल्ली चला गया है। उधर, राज्य सरकार ने मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। परिवहन निदेशालय ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इसी बीच, मामले में गिरफ्तार किए गए आरएलए के वरिष्ठ सहायक सुभाष को निलंबित कर दिया है। सुभाष चंद को 20 जनवरी को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था।जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी गौरव वर्तमान में आरएलए झंडूता में तैनात है। भनक लगते ही वह बुधवार को ही फरार हो गया। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम जब उसके आवास पर पहुंची, तो वहां वह नहीं मिला। क्राइम ब्रांच ने उसकी आलीशान कोठी और लग्जरी गाड़ियों की फोटोग्राफी की है। जब पंजीकरण पोर्टल को बीएस-4 से बीएस-6 में बदला जा रहा था, तब बैकएंड के जरिए सैकड़ों गाड़ियों की फर्जी एंट्री की गईं। उस समय गौरव आरएलए बिलासपुर में तैनात था।

आरोप है कि गौरव के पास अन्य कर्मचारियों-अधिकारियों की लॉगइन आईडी और पासवर्ड थे, जिनका इस्तेमाल कर उसने फर्जी रजिस्ट्रेशन अप्रूव किया। आरोपी सुभाष से पूछताछ में ही गौरव का नाम मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आया है। उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि मामले में गौरव को सस्पेंड करने और चार्जशीट करने के लिए लिख दिया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम गौरव को गिरफ्तार करने आई थी। उपायुक्त ने बताया कि प्रशासन को मिली शिकायत में विशेष तौर पर एचपी-97 (इंदौरा) सीरीज के तहत बीएस-4 श्रेणी के वाहनों के रजिस्ट्रेशन में नियमों की अनदेखी की बात की गई है।

तीन सदस्यीय जांच समिति से 15 दिन में रिपोर्ट तलब
निदेशालय ने तीन सदस्यीय जांच समिति से 15 दिन में रिपोर्ट तलब की है। इस समिति में राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव, परिवहन निदेशालय के आईटी उप प्रबंधक त्रिलोक चंद और आरटीओ शिमला के वरिष्ठ मोटर वाहन निरीक्षक पंकज सिंह को शामिल किया गया है। यह कमेटी आरएलए में हुई धांधलियों की परतें खोलेगी।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक