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श्रम कानूनों में ऐतिहासिक सुधार, मजदूरों के अधिकार और उद्योग दोनों को मजबूती: सुरेश कश्यप

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भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने आज दिल्ली में आयोजित वित्त समिति की बैठक में भाग लिया। बैठक के उपरांत उन्होंने श्रम सुधारों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत के श्रम क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि भारत सरकार ने एक बड़े और ऐतिहासिक सुधार के तहत देश में लागू 29 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में एकीकृत किया है। इनमें मजदूरी संहिता, 2019, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थिति संहिता, 2020 शामिल हैं। यह सुधार श्रम कानूनों को सरल, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है।
उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों का यह नया ढांचा एक ओर जहां व्यापार करने की आसानी (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देता है, वहीं दूसरी ओर मजदूरों के लिए मजदूरी सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा को व्यापक बनाता है। इस नए ढांचे में महिलाएं, प्रवासी मजदूर, गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी समान अधिकार और संरक्षण प्रदान किया गया है।
मजदूरी संहिता पर बोलते हुए सुरेश कश्यप ने कहा कि इसका उद्देश्य नियोक्ताओं के लिए मजदूरी से जुड़े अनुपालन को सरल और एकरूप बनाना है, साथ ही मजदूरों के अधिकारों को मजबूत करना है। मजदूरी की एक समान परिभाषा और सभी क्षेत्रों में वैधानिक न्यूनतम मजदूरी से आय सुरक्षा में सुधार होगा और श्रम विवादों में कमी आएगी।
औद्योगिक संबंध संहिता के बारे में उन्होंने कहा कि इससे ट्रेड यूनियनों से जुड़े कानूनों का सरलीकरण हुआ है। इसके साथ ही औद्योगिक प्रतिष्ठानों में रोजगार की शर्तों, औद्योगिक विवादों की जांच और उनके निपटान की प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाया गया है।
सामाजिक सुरक्षा संहिता को ऐतिहासिक बताते हुए सुरेश कश्यप ने कहा कि इसके माध्यम से संगठित, असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म मजदूरों सभी को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। इसमें जीवन, स्वास्थ्य, मातृत्व लाभ और भविष्य निधि जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। साथ ही डिजिटल सिस्टम और सुगमकर्ता-आधारित अनुपालन से व्यवस्था को अधिक दक्ष और पारदर्शी बनाया गया है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किए गए ये श्रम सुधार न केवल श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेंगे।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक