शिक्षा और शोध को मिलेगा नया आयाम, डिग्री कॉलेज राजगढ़ व नौणी विश्वविद्यालय के बीच MoU साइन
राजकीय महाविद्यालय राजगढ़ और डॉ. वाई. एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी (सोलन) के बीच एक सहयोग समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के लिए जागरूकता कार्यक्रमों, शैक्षणिक शोध व नवाचार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर डॉ. वाई. एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. इंद्रदेव, निदेशक विस्तार शिक्षा तथा राजकीय महाविद्यालय राजगढ़ की ओर से प्राचार्य डॉ. राजेंद्र वर्मा ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
प्राचार्य डॉ. राजेंद्र वर्मा ने बताया कि यह राजगढ़ कॉलेज के लिए सौभाग्य की बात है कि नौणी विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ सहयोग समझौता हुआ है, जो वर्षों से प्रदेश के किसानों के हित में औद्यानिकी एवं वानिकी के क्षेत्र में निरंतर अमूल्य योगदान देता आ रहा है।
उन्होंने कहा कि इस समझौते के माध्यम से कॉलेज के विद्यार्थियों के जरिए क्षेत्र के विकास में विश्वविद्यालय की भूमिका और अधिक सशक्त होगी। साथ ही विद्यार्थियों के कल्याण, विभिन्न विषयों में व्यावहारिक अनुभव, शोध के अवसर तथा उच्च शिक्षा के लिए सार्थक प्रयास किए जाएंगे।
कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नौणी विश्वविद्यालय के साथ इस सहयोग को लेकर विशेष उत्साह व्यक्त किया है। इसे क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों और किसानों को नए अवसर तथा बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध होंगे।
इस कार्यक्रम में नौणी विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. अनिल हांडा, संयुक्त निदेशक विस्तार शिक्षा, डॉ. निधीश तथा महाविद्यालय की ओर से डॉ. नरेंद्र ठाकुर, डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. गीतिका ठाकुर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. शिव भारद्वाज की विशेष भूमिका रही।
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