
भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल ने मंगलवार को प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा एंट्री टैक्स में भारी वृद्धि और पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाने के निर्णय के विरोध में विधानसभा परिसर में जमकर धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष की अगुवाई में एकजुट हुए भाजपा विधायकों ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी’ करार देते हुए ‘जनविरोधी मुख्यमंत्री किसने देखा, हमने देखा सबने देखा’ जैसे तीखे नारों के साथ विधानसभा के मुख्य गेट तक मार्च किया, जहाँ मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए विपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने तल्ख तेवरों में कहा कि एक तरफ केंद्र जहां मिडिल ईस्ट में चल रहे हालात देख देश में नागरिकों को पेट्रोल और डीजल के दाम में वैट दस रुपए घटाकर राहत दे चुकी है तो दूसरी और हिमाचल में सुक्खू सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है जो न केवल प्रदेश की जनता की कमर तोड़ रहे हैं, बल्कि अब इन फैसलों की गूंज पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा तक पहुंच गई है, जहां के लोग और ट्रांसपोर्टर इस वृद्धि के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। विपक्ष ने आंकड़ों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि छोटी गाड़ियों पर लगने वाले एंट्री टैक्स को चालीस रुपये से बढ़ाकर सीधे 170 रुपये और बड़ी गाड़ियों के लिए इसे एक हजार रुपये तक कर दिया गया है, जो न केवल तर्कहीन है बल्कि पर्यटन पर आधारित हिमाचल की अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती कदम साबित होगा।
यही नहीं विधानसभा में एक्ट पास कर पेट्रोल और डीजल में पांच रुपए विधवा और अनाथ सेस लगाकर जनता पर भारी बोझ लादने की तैयारी कर ली है। नेता प्रतिपक्ष ने चिंता जताई कि सीमावर्ती जिलों के निवासियों के लिए यह निर्णय दैनिक आर्थिक उगाही जैसा बोझ बन जाएगा, जिससे आम जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप होने की कगार पर हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस टैक्स वृद्धि के विरोध में पड़ोसी राज्यों के लोगों ने आज रात से प्रदेश में वाहनों का प्रवेश बंद कर ‘चक्का जाम’ करने की चेतावनी दी है, जो राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
भाजपा ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह न तो बिगड़ते हालात से कोई सबक ले रही है और न ही जनता के हितों के प्रति गंभीर है, बल्कि ऐसे अनावश्यक आर्थिक बोझ लादकर प्रदेश को आर्थिक अराजकता की ओर धकेल रही है। विपक्ष ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए एंट्री टैक्स में की गई बढ़ोतरी और ईंधन पर लगाए गए सेस को तत्काल वापस नहीं लिया, तो सदन से लेकर सड़क तक इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, क्योंकि सरकार की अदूरदर्शिता के कारण जहाँ एक ओर पर्यटन उद्योग को अपूरणीय क्षति हो रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की छवि भी बाहरी राज्यों में धूमिल हो रही है।
केंद्र का हिमाचल को 3920 करोड़ की वित्तीय मदद का बड़ा तोहफा
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को 3920 करोड़ रुपये की भारी-भरकम वित्तीय सहायता देने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने इस उदारता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।जयराम ठाकुर ने कहा कि जब प्रदेश 1.05 लाख करोड़ रुपये के प्रदेश कांग्रेस सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन की वजह से गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है, ऐसे में केंद्र की यह मदद एक ‘संजीवनी’ की तरह है। उन्होंने रेखांकित किया कि हिमाचल प्रदेश इस योजना के तहत लाभ पाने वाला देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य बना है, जो केंद्र सरकार के प्रदेश के प्रति विशेष लगाव को दर्शाता है।
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