रोहड़ू के बटाडा गांव में दो मंजिला मकान राख, सेब के 30 पेड़ भी जल गए
शिमला जिले की टिक्कर तहसील के बटाडा गांव में बुधवार शाम करीब 6:00 बजे आग की घटना सामने आई। गांव बटाडा निवासी कृष्णा देवी, पत्नी श्यामलाल का दो मंजिला मकान आग की चपेट में आ गया।हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले की टिक्कर तहसील के बटाडा गांव में बुधवार शाम करीब 6:00 बजे आग की घटना सामने आई। गांव बटाडा निवासी कृष्णा देवी, पत्नी श्यामलाल का दो मंजिला मकान आग की चपेट में आ गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा मकान जलकर राख हो गया। आग की लपटों की चपेट में मकान के आसपास लगे सेब के करीब 30 पेड़ भी आ गए, जिससे बागवानी को भी भारी नुकसान पहुंचा है। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग का वाहन मौके पर पहुंचा। स्थानीय लोगों, पटवारी हलका, कानूनगो टिक्कर और पटवारी सहायक की मदद से आग पर काबू पाने का लगातार प्रयास किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग को फैलने से रोका गया, जिससे आसपास के अन्य घरों को बचा लिया गया। हालांकि, तब तक पीड़ित परिवार का मकान पूरी तरह जल चुका था और घर में रखा सारा सामान राख में बदल गया था। पुजारली-3 के पटवारी ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल राहत के रूप में 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।साथ ही पीड़ित परिवार के अस्थायी रहने की व्यवस्था भी प्रशासन की ओर की जा रही है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आग से हुए पूरे नुकसान का आकलन राजस्व विभाग के अधिकारियों की ओर से वीरवार को किया जाएगा। नुकसान का विस्तृत सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित परिवार को आगे मिलने वाली राहत और मुआवजे की प्रक्रिया तय की जाएगी। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। इस घटना से दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को शीघ्र उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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