भाजपा सांसद हर्ष महाजन के सवाल पर केंद्र सरकार ने हिमाचल को शिक्षा योजनाओं के तहत मिली निधियों का दिया विस्तृत ब्यौरा
भाजपा सांसद हर्ष महाजन द्वारा राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को विभिन्न केंद्रीय शिक्षा योजनाओं के तहत जारी की गई निधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने राज्यसभा में दिए लिखित उत्तर में बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
सांसद हर्ष महाजन ने अपने प्रश्न के माध्यम से सरकार से पिछले तीन वर्षों में हिमाचल प्रदेश को केंद्रीय शिक्षा योजनाओं के तहत वर्षवार कितनी राशि स्वीकृत की गई, कितनी राशि जारी की गई तथा उसका उपयोग कितना हुआ, इसकी जानकारी मांगी थी।
केंद्रीय मंत्री ने अपने उत्तर में बताया कि समग्र शिक्षा, स्टार्स योजना, पीएम श्री स्कूल, उल्लास तथा पीएम पोषण योजना जैसी प्रमुख योजनाओं के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। इन योजनाओं के तहत राज्य सरकार को आवश्यकता के अनुसार वार्षिक कार्ययोजना के आधार पर राशि स्वीकृत की जाती है और परियोजना अनुमोदन बोर्ड (पीएबी) द्वारा इसका अनुमोदन किया जाता है।
केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार समग्र शिक्षा योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 738.08 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई, जिसमें से 551.60 करोड़ रुपये जारी किए गए और 487.68 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया।
वर्ष 2023-24 में 686.85 करोड़ रुपये स्वीकृत, 485.96 करोड़ रुपये जारी और 468.44 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया।
वर्ष 2024-25 में 764.95 करोड़ रुपये स्वीकृत, 526.20 करोड़ रुपये जारी और 466.88 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया।
इसी प्रकार स्टार्स (STARS) योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 330.18 करोड़ रुपये स्वीकृत, 175.12 करोड़ रुपये जारी और 36.93 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
वर्ष 2023-24 में 224.12 करोड़ रुपये स्वीकृत, 53.66 करोड़ रुपये जारी और 111.25 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया।
वर्ष 2024-25 में 272.41 करोड़ रुपये स्वीकृत, 175.80 करोड़ रुपये जारी और 185.63 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
पीएम श्री योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 135.35 करोड़ रुपये स्वीकृत और जारी किए गए, जिनमें से 74.01 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया।
उल्लास योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 1.87 करोड़ रुपये स्वीकृत, जबकि 2023-24 में 1.87 करोड़ रुपये स्वीकृत और 0.47 करोड़ रुपये जारी किए गए तथा 0.35 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
वर्ष 2024-25 में 1.59 करोड़ रुपये स्वीकृत, 0.79 करोड़ रुपये जारी और 0.53 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
इसके अलावा पीएम पोषण योजना (मिड डे मील) के तहत वर्ष 2022-23 में 107.27 करोड़ रुपये स्वीकृत, 138.02 करोड़ रुपये जारी और 108.45 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
वर्ष 2023-24 में 108.74 करोड़ रुपये स्वीकृत, 94.35 करोड़ रुपये जारी और 104.71 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
वर्ष 2024-25 में 101.04 करोड़ रुपये स्वीकृत, 95.69 करोड़ रुपये जारी और 101.86 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्यों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं और योजनाओं की प्रगति की निगरानी की जाती है। इसके साथ ही पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के माध्यम से निधियों के उपयोग की निगरानी की जाती है ताकि धनराशि का पारदर्शी और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
भाजपा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए हिमाचल प्रदेश को निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे राज्य में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
![]()
