भाजपा को खोई सीट हासिल करनी तो कांग्रेस को गढ़ बचाने की चुनौती
अर्की के मतदाताओं ने भाजपा प्रत्याशी रत्न सिंह पाल को करीब छह हजार मतों से हराकर वीरभद्र सिंह को विजयी बनाया था। बता दे कि इस चुनाव में भाजपा ने दो बार के विधायक रहे गोविंद राम शर्मा का टिकट काटकर रत्न सिंह पाल को दिया था। कांग्रेस का एक धड़ा प्रतिभा सिंह को अर्की से प्रत्याशी बनाने के पक्ष में था, लेकिन पार्टी ने उन्हें मंडी संसदीय सीट से प्रत्याशी बना दिया है। ऐसे में स्थानीय कांग्रेस नेताओं के कंधों पर अर्की विधानसभा क्षेत्र को फतेह करने का जिम्मा रहेगा। हालांकि विगत में कांग्रेस के लिए ये सुरक्षित सीट रही है। अब तक हुए विधानसभा चुनाव में पांच बार कांग्रेस, चार बार भाजपा, एक बार निर्दलीय, एक बार लोकराज पार्टी व एक बार जनता पार्टी का विधायक बना है।




