नहीं रहे धर्मपाल गुलाटी, तांगा चलाने से लेकर ऐसे खड़ा किया मसालों का साम्राज्य
महाशिया दी हट्टी (MDH) मसाला कंपनी के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी का 98 साल की उम्र में निधन हो गया। MDH के विज्ञापनों में अकसर दिखाई देने वाले गुलाटी पिछले दिनों वे कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। हालांकि, बताया जा रहा है कि उनका निधन हार्ट अटैक की वजह से हुआ। उन्हें मसालों का बादशाह कहा जाता था।
महाशय धर्मपाल का जन्म 27 मार्च, 1923 को पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था। उनके पिता का नाम महाशय चुन्नीलाल और माता का नाम माता चनन देवी था। विभाजन के बाद वो भारत आए और दिल्ली पहुंच गए यहां उनके पास महज 1500 रुपए थे। पहले उन्होंने 650 रुपए का एक तांगा खरीदकर चलाना शुरू किया। बाद में उन्होंने एक हट्टी या खोखा खरीदकर अपना मसालों का व्यापार शुरू कर दिया और इस तरह स्वतंत्र भारत में शुरू हुआ महाशयां दी हट्टी का सफर। धर्मपाल गुलाटी को व्यापार और उद्योग में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए पिछले साल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मभूषण से नवाजा था। वह आईआईएफएल हुरुन इंडिया रिच 2020 की सूची में शामिल भारत के सबसे बुजुर्ग अमीर शख्स थे। कभी कुल जमा पूंजी 1500 रुपये वाले हट्टी की दौलत आज 5400 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। आज देश और दुबई में उनकी मसाले की 18 फैक्ट्रियां हैं।



महाशय धर्मपाल का जन्म 27 मार्च, 1923 को पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था। उनके पिता का नाम महाशय चुन्नीलाल और माता का नाम माता चनन देवी था। विभाजन के बाद वो भारत आए और दिल्ली पहुंच गए यहां उनके पास महज 1500 रुपए थे। पहले उन्होंने 650 रुपए का एक तांगा खरीदकर चलाना शुरू किया। बाद में उन्होंने एक हट्टी या खोखा खरीदकर अपना मसालों का व्यापार शुरू कर दिया और इस तरह स्वतंत्र भारत में शुरू हुआ महाशयां दी हट्टी का सफर। धर्मपाल गुलाटी को व्यापार और उद्योग में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए पिछले साल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मभूषण से नवाजा था। वह आईआईएफएल हुरुन इंडिया रिच 2020 की सूची में शामिल भारत के सबसे बुजुर्ग अमीर शख्स थे। कभी कुल जमा पूंजी 1500 रुपये वाले हट्टी की दौलत आज 5400 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। आज देश और दुबई में उनकी मसाले की 18 फैक्ट्रियां हैं।