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दाडलाघाट के टुईरु गांव में व्यक्ति ने फंदा लगाकर की आत्म..हत्या

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दाडलाघाट, 7 मार्च। पुलिस थाना दाडलाघाट के अंतर्गत टुईरु गांव के साथ लगते जंगल में एक व्यक्ति द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान रमेश कुमार (56) पुत्र स्वर्गीय कपुरु राम, निवासी गांव टुईरु, तहसील अर्की, जिला सोलन के रूप में हुई है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 7 मार्च को थाना दाडलाघाट को सूचना मिली कि एक व्यक्ति ने जंगल में पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। मौके पर एक व्यक्ति पेड़ से रस्सी के फंदे से लटका हुआ मिला, जहां गांव के लोग और मृतक के परिजन भी मौजूद थे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मौजूदगी में शव को नीचे उतारकर निरीक्षण किया। जांच के दौरान मृतक के गले पर रस्सी का निशान पाया गया, जबकि शरीर पर अन्य किसी प्रकार की चोट या खरोंच के निशान नहीं मिले।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रमेश कुमार RCM का कार्य करता था और उसने विकास नगर शिमला में एक फ्लैट भी लिया हुआ था। बताया जा रहा है कि मृतक की पत्नी कैंसर से पीड़ित थी, जिसके कारण वह काफी समय से मानसिक तनाव में था। इसके अलावा फ्लैट के बैंक लोन की किश्तों और घरेलू खर्चों को लेकर भी वह परेशान रहता था।

पुलिस जांच के अनुसार 5 मार्च को रमेश कुमार ने अधिक मात्रा में शराब का सेवन कर लिया था। 6 मार्च को उसका भाई रामपाल उसे अपने साथ गांव टुईरु ले आया था। इसके बाद 7 मार्च को उसने गांव के पास जंगल में पेड़ से रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों ने किसी भी प्रकार का शक व्यक्त नहीं किया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी अर्की भेजा, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

पुलिस द्वारा मामले में धारा 194 बीएनएसएस, 2023 के तहत कार्रवाई की जा रही है तथा मामले की जांच हर पहलू से जारी है।

 

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक