डॉ. शांडिल ने बाबा बालक नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, निर्माण कार्य के लिए 9 लाख की घोषणा

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि मेले एवं त्यौहार युवा पीढ़ी को इतिहास एवं संस्कृति की जानकारी देने का साधन हैं। डॉ. शांडिल ने सोलन के दयोंघाट में सिद्ध बाबा बालक नाथ मेले में उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रहे थे।  डॉ. शांडिल ने कहा कि राज्य में सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए सभी का सहयोग अपेक्षित रहता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि स्थानीय स्तर पर आयोजित किए जा रहे मेलों की परम्परा को टूटने न दें। उन्होंने कहा कि मेले, कुश्ती एवं कबड्डी जैसे पारम्परिक खेलों को बढ़ावा देने में भी सहायक रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों की सुविधा के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तक स्वास्थ्य अधोसंरचना को मज़बूत बनाया जा रहा है। डॉ. शांडिल ने इससे पूर्व बाबा बालक नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुखी जीवन की कामना की।

उन्होंने कहा कि देहूंघाट में पानी की समस्या के निदान के लिए समिति गठित कर पेयजल आपूर्ति को सुचारू किया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य मंत्री ने हीरो होंडा शोरूम कमला निवास व अन्य घरों तक सम्पर्क मार्ग के लिए 02 लाख रुपए, कमला निवास से बाबा बालक नाथ मंदिर तक टाईलों व डंगे कार्य के 02 लाख रुपए तथा बाबा बालक नाथ मंदिर प्रवेश द्वार तक सम्पर्क मार्ग के प्रारम्भिक निर्माण कार्य के लिए 05 लाख रुपए देने की घोषणा की।

इस अवसर पर जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस समिति के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, मनीष सोपाल, पूजा, ईशा सूद, संगीता ठाकुर, मनोनीत पार्षद विजय ठाकुर, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, खण्ड कांग्रेस समिति के सचिव लोकेन्द्र शर्मा, कुनाल सूद, रोगी कल्याण समिति के सदस्य विनीश धीर, कांग्रेस पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक