ट्रकों से सेब ढुलाई 5 फीसदी महंगी, पहली बार लिंक रोड का भाड़ा भी तय
सेब बागवानों को महंगाई का एक और झटका दिया गया है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने की दलील देकर ट्रकों से सेब ढुलाई पांच फीसदी महंगी कर दी गई है। ठियोग से दिल्ली के लिए प्रति पेटी न्यूनतम 67.40 और अधिकतम 77.40 रुपये जबकि कोटखाई के विभिन्न क्षेत्रों से न्यूनतम 72.40 रुपये और अधिकतम 81.40 रुपये भाड़ा तय किया गया है।

पहली बार लिंक रोड से मुख्य मार्ग तक सेब पहुंचाने के लिए छोटे वाहनों का भाड़ा भी तय किया गया है। लोकल लिंक रोड पर पिकअप के लिए दस किलोमीटर तक प्रति पेटी प्रति किलोमीटर भाड़ा 1.12 रुपये तय किया गया है। दस किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर 85 पैसे प्रति पेटी प्रति किलोमीटर अतिरिक्त जोड़े जाएंगे। टाटा 407 और आईशर चार व्हीलर का भाड़ा प्रति पेटी प्रति किलोमीटर 1.71 रुपये तय किया गया है।

उल्लेखनीय है कि तीन साल बाद ट्रकों का भाड़ा बढ़ाया गया है। बीस किलो की पेटी के हिसाब से भाड़ा तय किया गया है। एक ट्रक में 400 पेटी सेब या दस टन माल की ढुलाई की जा सकती है। इससे ज्यादा सेब भरा तो चालान किए जाएंगे।
बागवान पेटियों में बीस किलो से ज्यादा सेब भरते हैं। इस कारण भाड़ा प्रति टन के हिसाब से तय किया जाना चाहिए था। ट्रक भाड़ा 15 फीसदी तक बढ़ाने की मांग की जा रही थी। – प्रताप चौहान, कोटखाई ट्रक यूनियन के अध्यक्ष
प्रदेश सरकार ने सेब ढुलाई का ट्रक भाड़ा पांच फीसदी बढ़ाया है। यह पिछले तीन साल से नहीं बढ़ा था। – नरेश शर्मा, एपीएमसी शिमला और किन्नौर के अध्यक्ष

हिमाचल में खुलेंगे 286 एमआईएस सेब खरीद केंद्र
सेब सीजन में सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत 286 सेब खरीद केंद्र खोलने का फैसला लिया है। हिमाचल प्रदेश उद्यान उपज विपणन एवं विधायन निगम (एचपीएमसी) के 166 और हिमफेड के 120 फल खरीद केंद्र खोले जाएंगे। मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल ने बताया कि पहले चरण में निचले क्षेत्रों में एमआईएस सेब खरीद केंद्र खोले जाने हैं। इसके बाद ऊंचाई वाले क्षेेत्रों में केंद्र खोले जाएंगे।



