चीफ़ इंजीनियर विमल नेगी को न्याय के लिए भाजपा ने निकाला कैंडल मार्च
हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ़ इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले में गुरुवार को सोलन में भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीबीआई जांच और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई। भाजपा ज़िला सोलन ने ज़िलाध्यक्ष रत्न सिंह पाल के नेतृत्व में सोलन लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह से चिल्ड्रन पार्क तक कैंडल मार्च निकाला गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाए कि विमल नेगी की मौत सरकार की अफसरशाही और कर्मचारियों पर बनाए जा रहे दबाव को दर्शा रही है। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजीव सैज़ल ने कैंडल मार्च को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार से मामले की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकाल में एक फॉरेस्ट गार्ड की मौत के मामले की जांच सीबीआई से करवाई गई थी, लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार इस मामले में संवेदनहीन रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने सरकार से जांच के साथ मामले में संलिप्त दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस कैंडल मार्च में जिला सोलन के तहत आने वाले 13 भाजपा मंडलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर भाजपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य पुरुषोत्तम गुलेरिया, प्रदेश उपाध्यक्षा रश्मिधर सूद, प्रदेश सचिव डॉ डेज़ी ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता विवेक शर्मा, पूर्व विधायक के.एल ठाकुर, ज़िला महामंत्री बलबीर ठाकुर एवं भरत साहनी, रेहड़ी-फ़हड़ी एवं झुग्गी-झोंपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक तरसेम भारती, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक रवींद्र ठाकुर, डॉ राजेश कश्यप,शैलेंद्र गुप्ता, ज़िला मीडिया प्रभारी संजीव मोहन, ज़िला आईटी संयोजक चरण यादव, भाजयुमो ज़िलाध्यक्ष भूपेन्द्र ठाकुर (सनी), विमल नेगी जी के सभी मित्र संबंधी तथा ज़िले के अंतर्गत सभी 13 मण्डलों अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विमल नेगी की मौत और उसके बाद हुए घटनाक्रम
10 मार्च को विमल नेगी शिमला से लापता हो गए थे। 18 मार्च को उनका शव गोबिंद सागर झील में मिला था। परिवार ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर उन्हें प्रताड़ित करने और मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया था। 19 मार्च को एचपीपीसीएल के अधिकारियों, कर्मचारियों और विमल नेगी के परिजनों ने दफ्तर के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग की।