गणतन्त्र दिवस में राजपथ पर दिखेगी कुल्लू दशहरा की झांकी

गणतन्त्र दिवस में इस बार राजपथ पर विश्व प्रसिद्ध कुल्लू दशहरा की झलक दिखेगी। भगवान रघुनाथ की झांकी 26 जनवरी को राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड का हिस्सा बनेगी। कुल्लू दशहरा के मॉडल को रक्षा मंत्रालय ने मंजूरी दी थी। परेड की रिहर्सल राजपथ पर हुई है, इसमें कुल्ल दशहरा का मॉडल भी शामिल था। इससे पहले, साल 1999 में कुल्लू दशहरे की झलक राजपथ पर देखी गई थी।

मॉडल में मुख्यतौर से भगवान रघुनाथ का रथ बनाया गया है। इसे करीब 5 लोग, उसी तरह खींचते हुए दिखाई देंगे, जैसे दशहरा उत्सव के दौरान होता है। रथ के अलावा मॉडल पर दो और देवता भी होंगे और सबसे आगे देवता की पालकी होगी और इसमें देवता की विभिन्न मोहरें लगाई गई हैं। इस दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल-नगाढ़ा, करनाल और शहनाई बजेगी। मॉडल के साथ कुल्लू के ही लगभग 30 कलाकार होंगे। चिन्हित स्थान पर पहुंचते ही एक पारंपरिक देव धुन बजाई जाएगी। धुन बजने का समय 65 सेकेंड रहेगा।

बता दे गणतन्त्र दिवस की परेड में शामिल होने के लिए झांकी के मॉडल को तीन राउंड से हो कर गुजरना पड़ता है। पिछली बार हिमाचल का महात्मा गांधी का मॉडल तीसरे राउंड में ही बाहर हो गया था। इस बार के मॉडल ने तीनों राउंड पार कर लिए है और 26 जनवरी को राजपथ पर आने वाली झांकी में अपनी जगह बनाई। इस बार राजपथ पर झांकी के लिए रक्षा मंत्रालय ने 16 राज्यों को सिलेक्ट किया है, जिसमें हिमाचल भी एक है।


