कोरोना संकट के बीच दो अलग अलग मामलों में एक गर्भवती महिला व एक बुजुर्ग ने फंदा लगा कर दी जान
महिला के ससुराल वालों मायके पक्ष ने घरेलु हिंसा का आरोप लगाया है। दोनों मामलों की पुलिस जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार सुंदरनगर के छतरी क्षेत्र में एक 22 वर्षीय महिला सपना पत्नी आलम चंद ने अपने घर पर फंदा लगा लिया। सपना पांच माह की गर्भवती भी थी।
सपना के पिता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को ससुराल वाले परेशान करते थे, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया है। घरेलु हिंसा के बारे में बेटी ने उन्हें बताया था। इस मामले की पुलिस जांच कर रही है।
जिला सोलन में कसौली तहसील के गांव जमराड़ा, डाकघर गोयला निवासी 70 वर्षीय दिला राम ने घर के पास ही आम के पेड़ की टहनी में फंदा लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली है।
परिजनों के अनुसार दिलाराम घर से सुबह नाश्ता करने के उपरांत पशुशाला की तरफ गया, लेकिन लौट कर नहीं आया। उन्होंने बताया कि जब काफी देर तक वापस नहीं लौटा। जब देखा तो शव पेड़ से झूल रहा था।
परिजनों ने बताया कि दिलाराम मानसिक रूप से परेशान था और घर से बिना बताए घर से चला जाता था। परिजनों ने किसी पर कोई शक जाहिर नहीं किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डीएसपी परवाणू योगेश रोल्टा ने मामले की पुष्टि की है।



