कोरोना में घोटाले की गूंज पहुंची प्रधानमंत्री के द्वार, भाजपा नेता ने ही घेरा अपनो को

हिमाचल में कोरोना के चलते की जा रही खरीददारी मे हुई घोटाले की गूंज प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुँच गई है। शिकायतकर्ता ने सैनिटाइजर, पीपीई किट और इस बीमारी से निपटने के लिए खरीदे गए इन सारे सामानों मे घोटाले का अंदेशा जताते हुए इसकी शिकायत सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय मे कर दी है । अपनी शिकायत मे उन्होने लिखा है कि उन्होने भी इस विपदा की घड़ी मे कोविड-19 व पीएम फंड मे भी पैसे जमा कराए है ताकि ये पैसा जरूरतमंदों के काम आ सके लेकिन सप्लायर और भ्रष्ट नेताओं का गठबंधन इस आपदा मे कफन के सौदागर बन पैसे कमाने मे व्यस्त हैं। जबकि इस मामले मे निदेशक तक की गिरफ्तारी हो चुकी है । 
पूरे मामले मे दिलचस्प बात ये है कि इसकी शिकायत भाजपा के नेता ने ही करी है व अपनी सरकार को ही घेरने मे कोई कसर नही रखी है। हालांकि उन्होने अपनी शिकायत मे मुख्यमंत्री को ईमानदार बताया है जबकि अपने नेताओं की सलिंप्प्ता से इंकार नहीं किया है ।
पिछले कल हुई इस शिकायत मे त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस पर संज्ञान लेते हुए पीएमओ (Prime Minister Office) मे ही अंडर सैक्टरी लेवल के अधिकारी अंबुज शर्मा को इसकी आगे की कार्यवाही के लिए भेज दिया है ।
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ये है शिकायत पत्र जो प्रधानमंत्री को भाजपा नेता ने भेजा है
कोरोना वायरस जहाँ आमजन के लिये आपदा है तो कुछ के लिए यह एक फसल है। भ्रष्टाचारी अधिकारी और सप्लायर भ्रष्टाचारी नेता की छत्रछाया मे इस फसल को काट रहे है। प्रदेश जहां अपने ईमानदार मुख्यमंत्री के नेतृत्व मे कोरोना वायरस के खिलाफ़ लड़ाई लड़ रहा है वहीं अधिकारी , सप्लायर और भ्रष्ट नेताओं का गठबंधन इस आपदा मे कफन के सौदागर बन पैसे कमाने मे व्यस्त हैं।
पहले समाचार आया कि सेनेटाइजर की खरीद मे भारी भ्रष्टाचार हुआ है। मामला सतर्कता विभाग ने अभी दर्ज ही किया था कि एक कथित ऑडियो वायरल हो गया। इस ऑडियो मे एक सप्लायर और तत्कालीन स्वास्थ विभाग के निर्देशक श्री अजय गुप्ता की बात रिकार्ड की गई है। मैंने भी कथित रिकार्डिंग सुनी है। वह रिकार्डिंग सोशल मीडिया द्वारा शेयर की जा रही है। वह आवाज वास्तव मे किसकी है इसकी तो जांच के बाद ही पुष्टि होगी परन्तु बड़ी खबर यह है कि डाक्टर गुप्ता को पूछताछ के बाद सतर्कता विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है। इस ऑडियो मे पांच लाख के लेन देन की बात स्पष्ट सुनाई दे रही है। दोनों मे बात का उत्साह यह बता रहा है उन्हे कोरोना वायरस के प्रकोप का न तो दुःख है और न ही कोई भय है। वह तो फसल की कटाई मे व्यस्त है।
इससे भी दुखद बात है कि समाचार पत्रों मे छपी खबरों के अनुसार इसके तार किसी राजनेता से जुड़े बताये जा रहे है। कहा जा रहा है कि वह वरिष्ठ राजनेता निर्देशक महोदय की सेवा विस्तार की सिफारिश सरकार से कर चुके थे। नेता की ऐसे भ्रष्ट अधिकारी के सेवा विस्तार मे दिलचस्पी क्यो थी। क्या निर्देशक महोदय नेता जी की कोई सेवा कर रहे थे या कोरोना के चलते बड़े पैमाने पर हो रही सप्लाई के लाभ का हिस्सा नेता जी को भी जा रहा था। इसकी जांच और विवेचना अति आवश्यक है। बिना जांच और विवेचना के टिप्पणी करना ठीक नही रहेगा। 
विस्तार की सिफारिश करने वाले नेता का नाम छापने की किसी अखबार ने हिम्मत नही दिखाई है। इसलिए आम लोगो मे कयास लगाने का बाजार गर्म है। कुछ का कहना है कि वह अति वरिष्ठ नेता है, कोई कह रहा है कि तेजतर्रार नेता है, कोई चुनावी राजनीति का दक्ष खिलाड़ी बता रहा है ,कोई बिरादरी के चश्में से देखने का प्रत्यन कर रहा है और कोई नेता जी को पुराना पापी बता रहा है। कौन है, कहा नही जा सकता है। जो भी है सर्व गुण सपन्न ही होगा। परन्तु इस पर से पर्दा शीघ्र अति शीघ्र उठना चाहिए। लोग किसी बेगुनाह को ही गुनाहगार न समझते रहें।
हिमाचल के ईमानदार मुख्यमंत्री जी से लोगों को बहुत आशाएं है। आप अपनी ईमानदारी और, निष्पक्षता के लिये जाने जाते है। आपके शासन काल मे इस प्रकार के भ्रष्टाचार की जांच गभींरता से होगी और कोई कितना भी रसूखदार क्यो न हो उसे बक्शा नही जायेगा ऐसा सभी को आप पर विश्वास है। भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी है इसे सिर्फ दोषियों को कड़ी सजा देकर ही रोका जा सकता है। इस देवभूमि की सरकार पर बड़ी जिम्मेदारी है कि कोई इस आपदा के नाम पर भ्रष्टाचार करे और फिर बच भी जाए तो देवभूमि का नाम खराब हो सकता है।
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पूरे मामले मे आगे क्या कार्यवाही होगी ये तो आने वाले समय मे ही पता चलेगा लेकिन अपनी ही सरकार व पार्टी नेताओं को लपेटे मे लेकर ये जरूर संकेत दिये है कि कार्यकर्ता आज भी ईमानदार है और वो अब नेताओं कि ऐसी हरकतों को हल्के मे लेने वाले नहीं है । प्रधानमंत्री की जीरो टोलरेंस से एक उम्मीद सभी को है कि इस समय हुई लूट का पर्दाफ़ाश जल्द जरूर होगा ।






