किरतपुर मनाली नेशनल हाईवे की कुल लागत 10343 करोड़, हिमाचल के पर्यटक उद्योग को होगा बड़ा लाभ : जयराम
शिमला, भाजपा नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा की हिमाचल प्रदेश कनेक्टिविटी के मामले में काफी पीछे रहा था, हिमाचल प्रदेश में सड़क बनाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और इसमें काफी पैसे की लागत भी होती है। पर पिछले 5 साल में जब हमारी भाजपा की सरकार हिमाचल प्रदेश में थी तो हमने सबसे श्रेष्ठ प्राथमिकता हिमाचल की कनेक्टिविटी को दी चाहे वह रोड, ट्रेन या एयर के माध्यम से हो । हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार है कि पिछले 5 साल में 2700 किलोमीटर सड़क निर्माण हुआ है।
आज हिमाचल प्रदेश में 39 हजार कुल सड़क लंबाई जनता को उपलब्ध है और अगर इसमें देखा जाए तो 20 हजार किलोमीटर सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनी है , अगर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ना होती तो 50% से ज्यादा पंचायते आज सड़कों से ना जुड़ पाती। इसके लिए हम पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हैं।
जयराम ने कहा की आज मुझे गर्व है कि हिमाचल प्रदेश में जिस प्रकार से फोरलेन का कार्य चल रहा है यह कल्पना से परे है जिस तेज गति से यह काम हो रहा है उसे हिमाचल प्रदेश के विकास और पर्यटन को बहुत बढ़ावा मिलने जा रहा है। अगर हम किरतपुर से मनाली तक के नेशनल हाईवे की बात करें तो इसके अंतर्गत कई चरणों में काम हुआ है। इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 159.38 किलोमीटर होगी और इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट पर कुल लागत 10343 करोड़ होने जा रही है। इससे इस मार्ग की लंबाई में 49 किलोमीटर की कमी आई है और इससे लग भाग जनता का साढ़े पांच घंटे की बचत होगी। उन्होंने कहा की इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत किरतपुर से नेर चौक की कुल लंबाई 84.38 किलोमीटर है जिसपर 3000 करोड़ कर्च हुआ है, इसी प्रकार नेर चौक से पंडोह तक की कुल लंबाई 27 किलोमीटर है और इसकी लागत 1500 करोड़ होगी, पंदोह से टकोली कुल लंबाई 19 किलोमीटर है और इसपर लागत 3700 करोड़ होगी, टकोली से कुल्लू की कुल लंबाई 29 किलोमीटर है और इसपर लागत 1400 करोड़ होगी और कुल्लू से मनाली की कुल लंबाई 37.3 किलोमीटर है एवं इसपर लागत 743 करोड़ होगी।

