ऊना आइएसबीटी बस अड्डा के दुकानदारों ने दुकानें बंद कर शुरू किया धरना, प्रबंधन से उठाई मांगें

न्यू आईएसबीटी ऊना बस अड्डे के दुकानदारों ने दुकानें बंद करके धरना शुरू कर दिया है। दुकानदारों का आरोप है कि उन्हें तय शर्तो के अनुसार न तो सुविधाएं मिली और इसके मुकाबले किराया कहीं अधिक वसूला जा रहा है। बस अड्डा एमआरसी ग्रुप द्वारा बनाया गया है दुकानदारों ने एक मांग पत्र इस ग्रुप को लिखा है जिसमें मांग की गई है कि उन्हें 2019 में जो कहा गया था, उसके अनुसार इस बस अड्डे में 32 से 35 हजार के करीब लोग आएंगे और 950 से लेकर 1000 के करीब बसें चलेंगी। इस कांप्लेक्स में माल, सिनेमा हाल, ब्रांडेड शोरूम जैसी बड़ी सुविधाए दी जाएंगी। इस वजह से ज्यादा लोग आएंगे और दुकानदारों को बहुत लाभ होगा।

24 नवंबर 2019 को ये बस अड्डा शुरू हुआ। लेकिन इस तरह की कोई सुविधा समाने नहीं आई। उल्टा बस अड्डा शुरू होते ही तीन माह के बाद कोविड 19 के कारण दुकानें बंद रहने लगी। लोगों की आवाजाही पहले से भी कम हो गई। इस समय सामान्य से भी कम दुकानदारी हो रही है, क्योंकि कोविड प्रोटोकाल के कारण दुकानें सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। कुछ दुकानदारों ने तो दुकानें भी छोड़ दी। अब दुकानदारों की मांग है कि उन्हें सुविधाए दी जाए और किराया कम किया जाए अन्यथा उनका आंदोलन जारी रहेगा।

बस अड्डे में स्थित 31 दुकानदारों ने हस्ताक्षरित पत्र एमआरसी जीएम को सौंपा है। उधर एमआरसी ग्रुप के न्यू आईएसबीटी ऊना के जीएम प्रवेश शर्मा ने कहा है कि दुकानदारों को संपूर्ण तालाबंदी के दौरान 7 माह का किराया माफ किया था, उसके बाद वर्ष 2021 में 4 माह का किराया देरी से देने के लिए कहा गया था और इस वर्ष 2022 में भी दो माह का किराया दुकानदारों को माफ किया गया। बावजूद इसके यदि कोई दुकानदार बस अड्डे से दुकान छोड़ना चाहता है तो छोड़ दे।

