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उद्योग मंत्री ने नुकसान दायक वृक्षों को हटाने के लिए प्रस्तावित स्थलों का किया निरीक्षण

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उद्योग मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने आज यहां नगर निगम सोलन की परिधि में नुकसान दायक सिद्ध हो रहे वृक्षों को हटाने के लिए प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों से विचार-विमर्श किया।
उद्योग मंत्री ने नगर निगम सोलन की परिधि में वृक्ष प्राधिकरण समिति द्वारा संस्तुत 28 वृक्षों को हटाने के लिए प्रस्तावित 13 स्थलों में से चंबाघाट में शिव मंदिर के समीप, नए बस स्टैंड के समीप लोहार मोहल्ला, नहोड़ गांव के समीप, ठोड़ो मैदान के समीप तथा खुंडीधार में निर्धारित स्थलों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।
हर्षवर्द्धन चौहान ने इस अवसर पर आश्वासन दिया कि भविष्य में भी सोलन नगर निगम के क्षेत्र में वृक्ष कटान की अनुमति उन्हीं स्थानों पर दी जाएगी जहां पर जान-माल का खतरा हो। उन्होंने कहा कि एक पेड़ काटने के एवज में व्यक्ति को 05 पेड़ लगाना अनिवार्य होगा ताकि हरित क्षेत्र प्रभावित न हो।

उद्योग मंत्री ने कहा कि हिमाचल में पर्यटन क्षेत्र आर्थिकी के आधार स्तम्भ में से एक है और हरित आवरण पर्यटकों की संख्या में वृद्धि तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वृक्ष कटान की अनुमति देते समय सभी आवश्यक पहलुओं का ध्यान रखा जाता है।
उन्होंने इस अवसर पर नगर निगम सोलन की महापौर, पार्षदों तथा अधिकारियों से सोलन शहर के सौंदर्यकरण, मूलभूत सुविधाओं एवं अधोसंरचनात्मक आवश्यकताओं के सम्बन्ध में फीडबैक ली। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक पहलुओं को प्रदेश सरकार के ध्यान में लाया जाएगा।
ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चन्द बरमानी, नगर निगम सोलन की महापौर ऊषा शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, राजीव कौडा, संतोष ठाकुर, अभय, मनोनीत पार्षद रजत थापा, उप महाधिवक्ता रोहित शर्मा, हिमाचल प्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड के सदस्य शोभित बहल, नगर निगम सोलन की आयुक्त एकता कापटा, ज़िला उद्योग महाप्रबंधक सुरेंद्र ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, नगर निगम सोलन के संयुक्त आयुक्त चेतन चौहान, ट्री ऑफिसर चन्द्रिका शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय निवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक