आपदा एक्ट हटते ही गरमाई सियासत, जयराम ठाकुर ने घेरी सुक्खू सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश में छह महीने बाद आपदा एक्ट (डिजास्टर एक्ट) हटाने के फैसले को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा के दौरान सरकार ने राहत कार्यों के बजाय जश्न मनाने पर ध्यान दिया और करोड़ों रुपये खर्च किए, जबकि प्रभावित लोगों की समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं।
शिमला से जारी प्रेस विज्ञप्ति में जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या प्रदेश में आपदा के बाद पुनर्वास और बहाली के सभी कार्य पूरी तरह पूरे हो चुके हैं, जो अब आपदा एक्ट हटाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सवाल किया कि आपदा राहत के नाम पर अब तक कितनी राशि वास्तव में प्रभावित लोगों पर खर्च की गई है और उसका जमीनी स्तर पर क्या परिणाम दिखाई दे रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में आज भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। कई स्थानों पर सड़कों पर अब भी मलबा पड़ा हुआ है और सैकड़ों बस रूट पिछले आठ महीनों से बंद पड़े हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जो पुल आपदा में क्षतिग्रस्त हुए थे, उन्हें अब तक केवल अस्थायी तौर पर छोटे वाहनों के लिए ही चालू किया गया है, जबकि स्थायी निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार ने आपदा के समय केवल बड़ी-बड़ी मशीनों के बिल पास करने और अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने का काम किया, जबकि धरातल पर बहाली के कार्यों में अपेक्षित गति नहीं दिखाई दी। उन्होंने कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाएं अब तक पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई हैं, जिससे लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कई प्रभावित क्षेत्रों में अभी तक बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर तक नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आपदा एक्ट की आड़ में पंचायत चुनावों को टालने और विकास कार्यों को रोकने का काम किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चुनावों से बचने के लिए जानबूझकर फैसले टाल रही है और जनता को राहत देने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में समय बर्बाद कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश की जनता सरकार की इस कार्यशैली को देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी।
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