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हिमाचल में सी और डी श्रेणी कर्मचारियों के तबादलों से सरकार ने हटाई रोक

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। इस संबंध में मंगलवार को कार्मिक विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।  सरकार ने यह तय किया है कि संबंधित मंत्री 31 मार्च 2026 तक शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभागों के टीचिंग कैडर को छोड़कर सी और डीसी श्रेणी कर्मचारियों के ट्रांसफर को मंजूरी दे सकेंगे। इस समय के दौरान संबंधित मंत्री शर्तों का सख्ती से पालन करते हुए सामान्य तबादला आदेश जारी कर सकेंगे।

तबादलों के इन शर्तों का करना होगा पालन
ट्रांसफर आदेश पूरी तरह से “व्यापक मार्गदर्शक सिद्धांत-2013 के अनुसार दिया जाना चाहिए, जो 10 जुलाई 2013 के जरिये सर्कुलेट किया गया था और जिसे समय-समय पर बदला गया है। ट्रांसफर का ऑर्डर देते समय, किसी अधिकारी के तीन साल के सामान्य कार्यकाल/स्टे पर विचार किया जाना चाहिए। प्रभारी मंत्री अपने-अपने विभागों में ऐसे सभी नियमित ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारी के ट्रांसफर को मंजूरी देने-फैसला करने के लिए अधिकृत हैं, जिन्होंने अभी की पोस्टिंग की जगह पर सामान्य स्टे पूरा कर लिया है। इसमें शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभागों के टीचिंग कैडर शामिल नहीं है।

कर्मचारी सीधे अपने विभाग में ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे
प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ताबदले कम से कम होंगे और किसी भी हालत में विभाग में कैडर की संख्या के तीन प्रतिशत से ज्यादा नहीं होंगे। यह पक्का करना संबंधित विभाग/निगम/बोर्ड/यूनिवर्सिटी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि किसी भी हालत में यह तीन फीसदी की लिमिट पार न हो। जहां कम समय के लिए रहने, कम दूरी आदि में छूट/माफी शामिल है, वहां ट्रांसफर, नियमों के अनुसार प्रभारी मंत्री के जरिये मुख्मंत्री की मंज़ूरी से किया जाएगा। कर्मचारी सीधे अपने विभाग में ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकते हैं। कार्मिक विभाग सभी प्रशासनिक सचिवों, विभाग प्रमुखों, मंडलीय प्रबंधकों व डीसी  को इन निर्देशों को सभी संबंधित लोगों के ध्यान में लाने को कहा है ताकि इसका सख्ती से पालन हो सके। इन निर्देशों को विभाग की वेबसाइट यानी www.himachal.nic.in/personnel पर देखा जा सकता है।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक