Third Eye Today News

सोलन की जर्जर और बदहाल सड़कों को लेकर कांग्रेस सरकार पूरी तरह बेनकाब :अभिषेक ठाकुर

Spread the love

सोलन की जर्जर और बदहाल सड़कों को लेकर आज प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। जनता से किए गए वादे खोखले साबित हुए हैं और धरातल पर विकास नाम की कोई चीज दिखाई नहीं दे रही। 23 फरवरी 2026 को सोलन–स्पाटू मार्ग को लेकर किए गए धरने के समय प्रदेश सरकार द्वारा बड़े-बड़े आश्वासन दिए गए थे, लेकिन आज तक न तो कोई सड़क का मरम्मत कार्य हुआ और न ही किसी योजना का क्रियान्वयन नजर आता है।
सोलन–शामती बाइपास, जिसे स्थानीय विधायक एवम् कैबिनेट मंत्री कर्नल धनिराम शांडिल जी ने अपना “ड्रीम प्रोजेक्ट” बताया करते थे आज जनता के लिए दुःस्वप्न बन चुका है। सोलन–राजगढ़ मार्ग हो या चंबाघाट–बसाल मार्ग, हर सड़क खस्ताहाल में है। वाहन चालक, व्यापारी, विद्यार्थी, किसान, महिलाओं और आम नागरिक रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
सबसे दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि जब ग्रामीणों ने चंबाघाट–बसाल मार्ग की दयनीय स्थिति को देखते हुए स्वयं श्रमदान कर सड़क को ठीक करने का प्रयास किया, तो सरकार ने सहयोग देने के बजाय उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी और विभाग द्वारा डैमेज नोटिस थमा दिए गए। यह सरकार की संवेदनहीन और दमनकारी मानसिकता को दर्शाता है—न खुद काम करेंगे, न किसी और को करने देंगे।
कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता अपनी सरकार और प्रदेश के मुखिया की छवि बचाने के लिए यह कहते नजर आए कि आदरणीय सुखविंदर सिंह सुक्खू जी “फ्लावर नहीं, फॉयर हैं” तो आज उस फॉयर में पूरा हिमाचल जल रहा है ,सुखविंदर सुक्खू जी फायर तो नहीं बल्कि फ़्लॉप है । विकास कार्य ठप हैं, सड़कें टूट चुकी हैं और जनता परेशान है। यह “फॉयर” जनता के लिए राहत नहीं बल्कि तकलीफ और अव्यवस्था लेकर आई है।
भारतीय जनता पार्टी सोलन स्पष्ट चेतावनी देती है कि यदि सोलन क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कों में शीघ्र अति शीघ्र मेटलिंग और स्थायी मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो भाजपा व्यापक और उग्र जनआंदोलन छेड़ेगी। सड़कों पर उतरकर सरकार की नाकामी को उजागर किया जाएगा और प्रदेश नेतृत्व के माध्यम से इस मुद्दे को विधानसभा में पूरी ताकत के साथ उठाया जाएगा।
सोलन की जनता अब और धोखा सहन नहीं करेगी। जवाबदेही तय होगी और जनहित के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक