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सरकारी स्कूल विद्यार्थियों के लिए बन रहे हिम बस कार्ड के मामले की समीक्षा करेगी प्रदेश सरकार

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हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए बन रहे हिम बस कार्ड के मामले की सरकार समीक्षा करेगी। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को विधानसभा सदन में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी।  धर्मशाला से भाजपा के विधायक सुधीर शर्मा ने यह मामला उठाया था।

विश्राम गृहों की सफाई, खाने-पीने की व्यवस्था होगी आउटसोर्स
वहीं हिमाचल प्रदेश में लोक निर्माण विभाग जल शक्ति और वन विभाग के विश्राम गृह में दी जाने वाली खाने-पीने और सफाई की व्यवस्था को आउटसोर्स किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में यह घोषणा करते हुए कहा कि अभी कई विश्राम गृह में खाने-पीने की उचित व्यवस्था नहीं होने से अतिथियों को दूर जाकर इसका इंतजाम करना पड़ता है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि खाने-पीने के अलावा साफ-सफाई और विश्राम गृहों की सौंदर्यीकरण का काम आउटसोर्स किया जाएगा।  इसके लिए जल्द ही नीति  बनेगी।

विद्यार्थियों के लिए पहले ये थी व्यवस्था
बता दें, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों को मिलने वाली निशुल्क बस सेवा 1 अप्रैल से मुफ्त नहीं मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को पहले 236 रुपये खर्च कर हिम बस पास बनवाना अनिवार्य होगा, तभी उन्हें मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। सरकारी स्कूलों में पहली से बारहवीं कक्षा तक करीब 8.50 लाख बच्चे पढ़ते हैं। इनमें से लाखों विद्यार्थी स्कूल दूर होने के चलते एचआरटीसी बसों में आते-जाते हैं। अब इन्हें हिम बस पास बनवाना अनिवार्य किया है। पास के लिए लोकमित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया के लिए विद्यार्थियों को अतिरिक्त 40 रुपये की फीस भी देनी पड़ेगी। निशुल्क बस सेवा के लिए शुल्क की अनिवार्यता गरीब वर्ग के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बीते कई वर्षों से निशुल्क बस सुविधा का लाभ मिलता आ रहा है। हालांकि, अब सरकार ने इस फैसले की समीक्षा करने को कहा है।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक